भाजपा नेता एवं पूर्व उपसरपंच ने की आत्महत्या, मंदिर परिसर में पेड़ से लटका मिला

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दुर्ग-भिलाई, 16 जून 2026। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता एवं पूर्व उपसरपंच तारेंद्र बंछोर (50) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनका शव मंगलवार सुबह उतई थाना क्षेत्र के ग्राम सेलूद स्थित शिव मंदिर परिसर में चंपा के पेड़ से लटका मिला। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।

जानकारी के अनुसार तारेंद्र बंछोर वर्ष 2005 में ग्राम सेलूद के उपसरपंच रहे थे। उसी दौरान उन्होंने बाजार चौक स्थित चारबांधा तालाब के पास शिव मंदिर का निर्माण कराया था। जिस चंपा के पेड़ पर उनका शव मिला, उसे भी उन्होंने स्वयं लगाया था। ग्रामीणों के मुताबिक यह स्थान उनके जीवन से विशेष रूप से जुड़ा हुआ था।

मंगलवार सुबह मंदिर पहुंचे ग्रामीणों ने पेड़ से लटका शव देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची उतई पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया गया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तारेंद्र बंछोर ने घटना से एक दिन पहले स्थानीय हार्डवेयर दुकान से रस्सी खरीदी थी। वे सोमवार को पड़ोस में आयोजित एक बर्सी कार्यक्रम में भी शामिल हुए थे और उस दौरान सामान्य दिखाई दिए थे। बताया जा रहा है कि फांसी लगाने से पहले उन्होंने अपना मोबाइल फोन अनलॉक छोड़ दिया था ताकि परिवार के लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार तारेंद्र लंबे समय से पेट संबंधी बीमारी से पीड़ित थे। हाल ही में उन्हें निमोनिया होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के बाद उनकी तबीयत में सुधार हुआ और वे घर लौट आए थे। हालांकि आत्महत्या के पीछे बीमारी का कोई प्रत्यक्ष संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।

तारेंद्र बंछोर भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता होने के साथ-साथ वर्तमान में शासकीय कन्या विद्यालय समिति तथा सरस्वती शिशु मंदिर की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष भी थे। घटना की सूचना मिलते ही सांसद विजय बघेल ग्राम सेलूद पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर शोक व्यक्त किया। वे अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए।

उतई थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। अधिकारियों का कहना है कि परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है तथा सभी संभावित पहलुओं की जांच के बाद ही आत्महत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

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