युवाओं को नशे से दूर रहने और यातायात नियमों का पालन करने का दिया गया संदेश, 100 से अधिक छात्र-छात्राओं ने की सहभागिता
दुर्ग, 5 जून 2026। विश्व पर्यावरण दिवस एवं नशा मुक्ति जागरूकता अभियान के अवसर पर हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग में शुक्रवार को एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, नशा मुक्ति और सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षाविद, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
नशामुक्त समाज के निर्माण का आह्वान
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एएसआई बोधन साहू ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की अपील की। उन्होंने यातायात नियमों की जानकारी देते हुए सड़क सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने का संदेश भी दिया।
पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की जरूरत : कुलपति
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. संजय तिवारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केवल पर्यावरण की रक्षा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके सुधार और संवर्धन के लिए भी निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रकृति के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण छोड़ना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता पर भी बल दिया।

स्वस्थ पर्यावरण ही स्वस्थ जीवन का आधार
विशिष्ट वक्ता एवं विश्वविद्यालय की डीएसडब्ल्यू डॉ. नीलू श्रीवास्तव ने कहा कि मानव शरीर प्रकृति की अनमोल देन है और नशे की प्रवृत्ति इस अमूल्य धरोहर को नष्ट कर देती है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण और स्वस्थ जीवन एक-दूसरे के पूरक हैं तथा पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है।

संविधान के मौलिक कर्तव्यों की दिलाई याद
विश्वविद्यालय के सहायक कुलसचिव दिग्विजय कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि संविधान में नागरिकों के लिए पर्यावरण संरक्षण को मौलिक कर्तव्य के रूप में शामिल किया गया है। उन्होंने सभी से पर्यावरण संरक्षण एवं सुधार के लिए सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
विद्यार्थियों ने लिया जागरूकता फैलाने का संकल्प
कार्यक्रम का संचालन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. जनेंद्र दीवान ने किया, जबकि डॉ. प्रेरणा सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में सहायक कुलसचिव हिमांशु शेखर मंडावी, डिजिटल सलाहकार डॉ. गोपाल कृष्ण, कुलपति के सचिव डॉ. राजेश अवस्थी, प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस डॉ. शैलेंद्र मिश्रा, अतिथि व्याख्याता डॉ. अरविंद कुमार साहू, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. निधि मिश्रा सहित विश्वविद्यालय परिवार के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्त समाज के निर्माण और यातायात नियमों के पालन के प्रति जन-जागरूकता फैलाने का सामूहिक संकल्प लिया। इस अवसर पर 100 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाया।



