छत्तीसगढ़ विधानसभा में स्कूल शिक्षा विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। राज्य के स्कूलों में पहली कक्षा से योग शिक्षा शुरू करने, कक्षा 3 से संस्कृत और अन्य बहुभाषाओं को जोड़ने तथा वैदिक गणित को पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही छात्रों की उपस्थिति, अवकाश आवेदन, मार्कशीट और ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) को ऑनलाइन करने की घोषणा की गई है।

रायपुर 14 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। विधानसभा में स्कूल शिक्षा विभाग की बजट अनुदान मांग पारित होने के दौरान राज्य सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और भारतीय परंपराओं से जोड़ने की दिशा में कई अहम घोषणाएं की हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने सदन में बताया कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को नई शिक्षा नीति के अनुरूप विकसित किया जाएगा।विधानसभा में शिक्षा विभाग के लिए कुल 22,400 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है। इसमें 105 करोड़ रुपये स्कूल भवनों के निर्माण के लिए और 700 करोड़ रुपये मध्यान्ह भोजन योजना के लिए आवंटित किए गए हैं। मंत्री ने बताया कि सरकार के कार्यकाल में अब तक 12 हजार शिक्षकों को प्रमोशन दिया जा चुका है, जिससे शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिली है।
पाठ्यक्रम में होंगे कई नए बदलाव
मंत्री गजेंद्र यादव ने सदन में घोषणा की कि राज्य के स्कूलों में पहली कक्षा से ही योग शिक्षा शुरू की जाएगी, ताकि बच्चों में बचपन से ही स्वास्थ्य और अनुशासन की भावना विकसित हो सके। इसके साथ ही कक्षा 3 से संस्कृत और अन्य बहुभाषाओं को पढ़ाई में शामिल किया जाएगा।इसके अलावा स्कूली पाठ्यक्रम में वैदिक गणित और धर्म दर्शन को भी जोड़ा जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे बच्चों को भारतीय ज्ञान परंपरा से परिचित कराने में मदद मिलेगी। साथ ही छात्रों को राज्य की स्थानीय पहचान से जोड़ने के लिए छत्तीसगढ़ के पर्व-त्योहार, संस्कृति, खेती और स्थानीय बोलियों पर आधारित सहायक अध्ययन सामग्री भी पढ़ाई जाएगी।
स्कूल व्यवस्था में डिजिटल बदलाव
राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल बनाने की दिशा में भी कदम उठा रही है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि अब छात्रों की उपस्थिति और अवकाश आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन किए जाएंगे। इससे स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों को छात्रों की उपस्थिति की जानकारी आसानी से मिल सकेगी।इसके अलावा मार्कशीट और ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) भी ऑनलाइन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे छात्रों और अभिभावकों को बार-बार स्कूल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यह कदम शिक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।
एनसीसी, एनएसएस और रेडक्रॉस होंगे अनिवार्य
सरकार ने छात्रों के व्यक्तित्व विकास और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण फैसला लिया है। मंत्री ने घोषणा की कि राज्य के सभी स्कूलों में एनसीसी, एनएसएस और रेडक्रॉस गतिविधियों को अनिवार्य किया जाएगा। इससे छात्रों में अनुशासन, सेवा भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित होगी।इसके साथ ही स्कूलों में अंतिम पीरियड को खेल गतिविधियों के लिए निर्धारित किया जाएगा, ताकि बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ शारीरिक गतिविधियों के लिए भी पर्याप्त समय मिल सके।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप बनेगा कैलेंडर
मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य में नई शिक्षा नीति के अनुसार शैक्षणिक कैलेंडर जारी किया जाएगा। इसके तहत पढ़ाई, परीक्षा और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जाएगा।सरकार का कहना है कि इन सभी बदलावों का उद्देश्य छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक, भारतीय ज्ञान परंपरा और स्थानीय संस्कृति से जोड़ते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है।
