
रायपुर में बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत के साथ ही पुलिस ने शोर मचाने वालों पर सख्ती बढ़ा दी है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं, जबकि छत्तीसगढ़ बोर्ड की परीक्षा 20 फरवरी से प्रस्तावित है। इसी बीच शहर के गोलबाजार थाना क्षेत्र में बिना अनुमति डीजे बजाने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए डीजे वाहन और साउंड सिस्टम जब्त कर लिया।
जांच के दौरान शोर का स्तर 95 से 110 डेसिबल के बीच रिकॉर्ड किया गया, जबकि निर्धारित सीमा 50 डेसिबल है। पुलिस ने कोलाहल अधिनियम और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
बिना परमिशन चल रहा था DJ
पुलिस के मुताबिक डीजे संचालक कुणाल बावले (धमतरी निवासी) बिना अनुमति साउंड सिस्टम चला रहा था। तेज आवाज के कारण आसपास के इलाके में शांति भंग होने की आशंका थी। परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को परेशानी न हो, इसे देखते हुए तत्काल कार्रवाई की गई।
इससे पहले सेंट्रल जोन डीसीपी की अध्यक्षता में डीजे, साउंड सिस्टम और टेंट व्यवसायियों की बैठक कर साफ हिदायत दी गई थी कि परीक्षा अवधि में नियमों का सख्ती से पालन करें। बावजूद इसके उल्लंघन सामने आने पर वाहन जब्त कर लिया गया।
पहले भी हो चुके हैं गंभीर हादसे
बिलासपुर: छज्जा गिरने से बच्चे की मौत
सितंबर 2025 में हिंदू नववर्ष की शोभायात्रा के दौरान तेज DJ साउंड के बीच एक मकान का छज्जा गिर गया था। हादसे में 10 लोग घायल हुए, जिनमें 5 बच्चे शामिल थे। एक बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई।
बलरामपुर: नस फटने और हार्ट अटैक से मौत
करीब सात महीने पहले बलरामपुर में डीजे की तेज आवाज से एक युवक के सिर की नस फटने की बात सामने आई थी। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसी जिले में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान DJ पर नाचते समय 15 वर्षीय किशोर की हार्ट अटैक से जान चली गई थी।
50 डेसिबल से ज्यादा शोर क्यों खतरनाक?
रायपुर के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. राकेश गुप्ता ने हाईकोर्ट में दायर हस्तक्षेप याचिका में बताया था कि 50 डेसिबल से अधिक ध्वनि स्तर मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डालता है। एनआईटी रायपुर और एम्स की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि लगातार तेज आवाज से सुनने की क्षमता प्रभावित होती है और मानसिक तनाव बढ़ता है।
संभावित खतरे:
नींद में बाधा
हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग का जोखिम
माइग्रेन ट्रिगर
अवसाद और डिमेंशिया का खतरा
बच्चों में स्थायी सुनने की समस्या
सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट की गाइडलाइन
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश:
रिहायशी क्षेत्रों में दिन में अधिकतम 55 डेसिबल, रात में 45 डेसिबल सीमा
रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध (विशेष अनुमति छोड़कर)
साइलेंस जोन (स्कूल, अस्पताल, कोर्ट से 100 मीटर दायरे) में 50 डेसिबल (दिन) और 40 डेसिबल (रात) सीमा
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का आदेश (11 सितंबर 2024):
वाहनों पर DJ बॉक्स रखकर बजाने पर जब्ती की कार्रवाई
दोबारा पकड़े जाने पर वाहन परमिट निरस्त
जब्त उपकरण मजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना नहीं छोड़े जाएंगे
स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और कोर्ट के 100 मीटर दायरे में लाउडस्पीकर पूरी तरह प्रतिबंधित
परीक्षा अवधि में विशेष निगरानी
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान छात्रों के भविष्य से किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिना अनुमति डीजे संचालन या तय मानकों से अधिक शोर करने वालों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि उत्सव मनाएं, लेकिन नियमों के भीतर रहकर—ताकि किसी की पढ़ाई और सेहत प्रभावित न हो।

