“आभार और संकल्प की रंगोली” में विद्यार्थियों ने दिखाई छत्तीसगढ़ की प्रकृति, संस्कृति और संरक्षण की झलक

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प्राकृतिक सामग्री से सजी रंगोलियों के जरिए दिया पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत बचाने का संदेश

अछोटी, 23 सितंबर 2026। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग के निर्देशानुसार “घर-घर से राष्ट्र तक – आभार और संकल्प की रंगोली” कार्यक्रम का आयोजन सांदीपनी एकेडमी, अछोटी में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई के तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विभिन्न समूहों में थीम आधारित रंगोलियां तैयार कर राष्ट्र गौरव, छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रस्तुत किया।

विद्यार्थियों ने रंगोली निर्माण में पत्तियां, फूल, टहनियां, चावल, बीज, मिट्टी और प्राकृतिक रंगों जैसी स्थानीय एवं प्राकृतिक सामग्री का उपयोग किया। सामूहिक प्रयास और रचनात्मक सोच से तैयार रंगोलियां परिसर में आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।

सावित्रीबाई फुले समूह ने दिखाई छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता

सावित्रीबाई फुले समूह ने अपनी रंगोली में छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और जलप्रपातों को प्रमुखता से दर्शाया। पत्तियों, फूलों और टहनियों सहित अन्य प्राकृतिक सामग्री से झरने, हरियाली और प्राकृतिक वादियों का मनोहारी दृश्य तैयार किया गया। रंगोली के माध्यम से विद्यार्थियों ने प्रदेश की समृद्ध प्राकृतिक संपदा और जलप्रपातों के संरक्षण का संदेश दिया।

जीजाबाई समूह ने प्रस्तुत की लोककला और सांस्कृतिक विरासत

जीजाबाई समूह की रंगोली में छत्तीसगढ़ की लोककला और पारंपरिक संस्कृति की झलक देखने को मिली। विद्यार्थियों ने चावल, पत्तियों और रंगों के माध्यम से पारंपरिक जीवनशैली, लोकनृत्य और ग्रामीण संस्कृति से जुड़े प्रतीकों को उकेरा। गेड़ी, कृषि उपकरण और हल सहित विभिन्न लोक-सांस्कृतिक प्रतीकों के जरिए विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने का संदेश दिया।

अहिल्याबाई समूह ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

अहिल्याबाई समूह ने “प्रकृति संरक्षण ही भविष्य का संरक्षण है” विषय पर केंद्रित रंगोली तैयार की। इसमें एक ओर पेड़-पौधों की देखभाल और हरित पर्यावरण को दर्शाया गया, जबकि दूसरी ओर पेड़ों की उपेक्षा से उत्पन्न सूखे और पर्यावरणीय असंतुलन की स्थिति को प्रस्तुत किया गया। रंगोली के माध्यम से विद्यार्थियों ने अधिक से अधिक वृक्षारोपण, पेड़-पौधों की देखभाल और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।

रचनात्मकता और टीम भावना ने बनाया कार्यक्रम को खास

कार्यक्रम में तीनों समूहों के साथ अन्य विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भागीदारी की। विद्यार्थियों ने सीमित समय में रचनात्मक सोच, अनुशासन और सामूहिक प्रयास के साथ आकर्षक रंगोलियां तैयार कीं। प्राकृतिक सामग्री के प्रयोग ने इन रंगोलियों को पर्यावरण संरक्षण के संदेश से भी जोड़ा।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक श्री पी. नागरत्नम एवं NSS से जुड़े सभी संयोजकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उनकी रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित किया।

इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. स्वाति श्रीवास्तव, विभागाध्यक्ष डॉ. संध्या पुजारी, आईआईसी समन्वयक श्री गुलेशन भेला, प्रशासनिक अधिकारी श्री सुधीर तिवारी, संचालक श्री महेश चौबे सहित समस्त शैक्षणिक, शिक्षकेत्तर एवं गैर-शैक्षणिक स्टाफ का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।

NSS इकाई ने सभी विद्यार्थियों, संयोजकों और सहयोगी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की रचनात्मकता, श्रम, अनुशासन और टीम भावना के साथ “मेरा भारत–मेरा संकल्प” की भावना भी दिखाई दी। प्राकृतिक सामग्री से तैयार रंगोलियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की प्रकृति, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का प्रभावी संदेश दिया गया।

— राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई, सांदीपनी एकेडमी, अछोटी, जिला-दुर्ग

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