हर शहर में बन रहे हैं सोनू सूद चैरिटी क्लब, राजनीति में आने से किया इनकार
भिलाई। अभिनेता एवं समाजसेवी सोनू सूद रविवार को भिलाई पहुंचे, जहां उन्होंने सोनू सूद चैरिटी क्लब की वार्षिक बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने समाजसेवा, शिक्षा, युवाओं की जिम्मेदारी, बॉलीवुड में परिवारवाद, राजनीति और विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि “जिस दिन लोगों को आपसे उम्मीद होने लगे, वही जिंदगी का असली मकसद है।”
सोनू सूद ने बताया कि देश के कई शहरों में सोनू सूद चैरिटी क्लब सक्रिय हैं और लगातार इनका विस्तार किया जा रहा है। कोलकाता, देवास, नागपुर, हैदराबाद, रायपुर और भिलाई सहित कई शहरों में क्लब जरूरतमंदों की मदद के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्लब बनाने का उद्देश्य केवल संगठन खड़ा करना नहीं, बल्कि लोगों में समाज के प्रति जिम्मेदारी और सेवा की भावना विकसित करना है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी क्लब में 100 सदस्य हैं और उनमें से एक भी व्यक्ति किसी जरूरतमंद की सहायता के लिए आगे आता है तो बाकी सदस्य भी उससे प्रेरित होकर जुड़ जाते हैं। इसी तरह छोटे-छोटे प्रयास बड़े सामाजिक बदलाव का कारण बनते हैं।
कोविड-19 महामारी के दौरान किए गए राहत कार्यों का उल्लेख करते हुए सोनू सूद ने कहा कि पिछले छह वर्षों से प्रतिदिन सैकड़ों लोग अपनी समस्याएं लेकर उनके पास आते हैं। अनुभव के आधार पर असली जरूरतमंद की पहचान करना आसान हो जाता है और सही व्यक्ति तक सहायता पहुंचाई जा सकती है।
भिलाई से अपने खास रिश्ते का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी भिलाई की रहने वाली हैं और कोरोना काल में उनके फाउंडेशन की टीम ने यहां दवाइयों, भोजन और अन्य आवश्यक सहायता के माध्यम से लोगों की मदद की थी।
बॉलीवुड में परिवारवाद के सवाल पर उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में परिवार की अगली पीढ़ी का आना स्वाभाविक है, लेकिन अंततः सफलता उसी को मिलती है जिसके पास प्रतिभा होती है। फिल्मों के चयन को लेकर उन्होंने कहा कि अनुभव के आधार पर उन्हें कुछ ही मिनटों में समझ आ जाता है कि फिल्म करनी है या नहीं।
राम मंदिर चंदा विवाद पर उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत करती हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों द्वारा आत्महत्या की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने अभिभावकों से बच्चों पर अनावश्यक दबाव नहीं डालने की अपील की। उन्होंने कहा कि कोई भी परीक्षा या नौकरी किसी की जिंदगी से बड़ी नहीं होती और परिवार को हर परिस्थिति में बच्चों का साथ देना चाहिए।
राजनीति में आने के सवाल पर सोनू सूद ने स्पष्ट कहा कि उन्हें दो बार राज्यसभा जाने का प्रस्ताव मिला, लेकिन उन्होंने स्वीकार नहीं किया। फिलहाल राजनीति में आने का उनका कोई विचार नहीं है और वे समाजसेवा के माध्यम से लोगों की सेवा करते रहना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 के दौरान लोगों की मदद करने के बाद उन्हें जो संतुष्टि मिली, वह किसी भी फिल्म की सफलता से कहीं बड़ी है। उनके अनुसार, आम इंसान ही उनका सबसे बड़ा प्रेरणास्रोत है और लोगों की दुआएं ही उनकी सबसे बड़ी कमाई हैं।


