
55 लाख रुपए में हुई थी पहली डील, दो दिन में 9 चेक से मिले 50 लाख; करीब डेढ़ साल बाद वही मकान 44.26 लाख रुपए में दूसरे व्यक्ति को बेचने का आरोप
भिलाई। सुपेला थाना क्षेत्र में एक मकान को लेकर कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि मकान मालिक ने 55 लाख रुपए में मकान बेचने का सौदा तय कर दो दिन के भीतर खरीदारों से 50 लाख रुपए 9 चेक के माध्यम से हासिल कर लिए। इसके बाद स्टांप पेपर पर इकरारनामा भी तैयार कराया गया। बावजूद इसके बाद में उसी मकान को दूसरे व्यक्ति के नाम 44.26 लाख रुपए में बेच दिया गया। मामले में सुपेला पुलिस ने मकान मालिक इंद्रजीत सिंह (41) को गिरफ्तार किया है।
55 लाख में तय हुआ था मकान का सौदा
पुलिस के अनुसार मामला सुपेला थाना क्षेत्र के जवाहर नगर, मियामी योजना स्थित प्लॉट नंबर 08, ब्लॉक नंबर 23 से जुड़ा है। शिकायतकर्ताओं सुंदर लाल पटेल, श्रीनिवास मिश्रा, छत्रपति सिंह और शिवशंकर यादव के मुताबिक 26 नवंबर 2024 को मकान मालिक इंद्रजीत सिंह के साथ मकान का सौदा 55 लाख रुपए में तय हुआ था।
सौदा तय होने के बाद 26 और 27 नवंबर को कुल 9 चेक के माध्यम से 50 लाख रुपए का भुगतान किया गया। इस तरह कुल सौदे की रकम में सिर्फ 5 लाख रुपए शेष रह गए थे। इसके बाद 28 नवंबर को 50 रुपए के स्टांप पेपर पर इकरारनामा तैयार किया गया।
करीब डेढ़ साल बाद दूसरे व्यक्ति को बेचने का आरोप
शिकायत के अनुसार भुगतान और इकरारनामा होने के बावजूद मकान खरीदारों के नाम पर हस्तांतरित नहीं किया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि 17 अप्रैल 2026 को इसी मकान को विशाल सिंह नामक व्यक्ति को 44 लाख 26 हजार रुपए में बेच दिया गया।
इस मामले की जानकारी सामने आने के बाद शिकायतकर्ताओं ने सुपेला थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मकान से संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू की और उपलब्ध दस्तावेजों को अपने कब्जे में लिया।
दस्तावेज गुम होने की रिपोर्ट भी जांच के दायरे में
जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि मकान के मूल दस्तावेज गुम होने की रिपोर्ट 3 अक्टूबर 2025 को दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने दस्तावेज गुम होने की इस रिपोर्ट को भी मामले की जांच से जोड़ते हुए संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल शुरू की है।
पूछताछ में पुलिस के मुताबिक इंद्रजीत सिंह ने पहले 50 लाख रुपए लेने और बाद में मकान दूसरे व्यक्ति को बेचने की बात स्वीकार की। पुलिस अब भुगतान, दस्तावेज, इकरारनामा और मकान की बिक्री से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
फैक्ट्री में निवेश करने की बात सामने आई
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने बताया कि प्राप्त रकम का इस्तेमाल उसने हथखोज स्थित अपनी लोहे के बोल्ट और कील बनाने की फैक्ट्री में किया। पुलिस ने लेन-देन और अन्य दस्तावेजों का सत्यापन शुरू कर दिया है।
सुपेला पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायत के आधार पर इंद्रजीत सिंह, निवासी कैलाश नगर जामुल, को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
