बृजमोहन-कटारिया विवाद में पूर्व सांसद की एंट्री, 108 एंबुलेंस टेंडर की जांच की मांग

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जयश्री बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखा पत्र, आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई की मांग; 20 मई की कथित फोन बातचीत के बाद बढ़ा था विवाद

रायपुर। भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल और छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य सचिव आईएएस अमित कटारिया के बीच चल रहा विवाद अब नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। मामले में मध्यप्रदेश की पूर्व सांसद एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री जयश्री बनर्जी ने भी हस्तक्षेप करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा है। उन्होंने अमित कटारिया के खिलाफ लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

जयश्री बनर्जी ने 5 अगस्त 2026 को लोकसभा अध्यक्ष को भेजे पत्र में कहा कि उन्हें मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल की ओर से स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया के खिलाफ की गई शिकायत की जानकारी मिली है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस मामले में लोकसभा सचिवालय की ओर से तथ्यात्मक जानकारी मांगी गई है।

108 एंबुलेंस टेंडर में कथित अनियमितता का मुद्दा उठाया

पूर्व सांसद ने अपने पत्र में स्वास्थ्य विभाग के कार्यकाल के दौरान 108 एंबुलेंस सेवा के टेंडर का मुद्दा भी उठाया है। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया में कथित नियमों की अनदेखी और अनियमितताओं के आरोपों की जांच कराने की मांग की है।

जयश्री बनर्जी का कहना है कि 108 एंबुलेंस सेवा सीधे आम लोगों की स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी हुई है। इसलिए टेंडर प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

‘जो करना है कर लो’ कहने का आरोप

विवाद की शुरुआत 20 मई 2026 को हुई कथित फोन बातचीत के बाद बताई जा रही है। भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल का आरोप है कि स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया से बातचीत के दौरान उन्हें कथित तौर पर कहा गया कि “जो करना है कर लो।”

सांसद के मुताबिक, जनहित से जुड़े उनके कई पत्रों और स्मरण पत्रों का लंबे समय से जवाब नहीं दिया जा रहा था। इसी को लेकर उन्होंने अधिकारी से बातचीत की थी।

इसके बाद 21 मई को बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को शिकायत भेजी। उन्होंने अधिकारी के कथित व्यवहार को सांसद के विशेषाधिकार और केंद्र सरकार के प्रोटोकॉल से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की थी।

लोकसभा अध्यक्ष से तीन प्रमुख मांगें

जयश्री बनर्जी ने अपने पत्र में लोकसभा अध्यक्ष से मामले में तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। उन्होंने सांसद बृजमोहन अग्रवाल की शिकायत का संज्ञान लेने, स्वास्थ्य सचिव के खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने और जांच में अनियमितता या भ्रष्टाचार साबित होने की स्थिति में कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा और जनप्रतिनिधियों के सम्मान की रक्षा के लिए मामले में उचित कदम उठाया जाना जरूरी है।

लोकसभा सचिवालय ने मांगी तथ्यात्मक जानकारी

मामला सामने आने के बाद लोकसभा सचिवालय की ओर से संबंधित स्तर पर तथ्यात्मक जानकारी मांगे जाने की बात भी सामने आई है। इससे विवाद ने प्रशासनिक स्तर के साथ-साथ राजनीतिक और संसदीय रूप भी ले लिया है।

वहीं, मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस नेता सुशील आनंद शुक्ला ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा है कि अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों का सम्मान करते हुए उनकी बातों को गंभीरता से लेना चाहिए।

फिलहाल, बृजमोहन अग्रवाल की शिकायत, लोकसभा सचिवालय की ओर से मांगी गई जानकारी और अब जयश्री बनर्जी द्वारा 108 एंबुलेंस टेंडर की जांच की मांग किए जाने के बाद यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया है। हालांकि, टेंडर से जुड़े आरोपों की आधिकारिक जांच और उसके निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है।

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