
इंस्टाग्राम पर तस्वीरें वायरल करने और पति की हत्या कराने की धमकी, छावनी पुलिस की त्वरित कार्रवाई
दुर्ग-भिलाई। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक के दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया है। एक युवक ने AI की मदद से महिला की तस्वीरों को एडिट कर उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी और बदले में 5 लाख रुपये की मांग की। आरोपी ने महिला के पति की हत्या कराने और महिला पर जबरन तलाक लेने का दबाव भी बनाया। शिकायत मिलने के बाद छावनी थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने 24 जुलाई को छावनी थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि रविन्द्र भारती नामक युवक लगातार फोन कर 5 लाख रुपये की मांग कर रहा था। आरोपी का कहना था कि यदि रकम नहीं दी गई तो AI से तैयार की गई एडिटेड तस्वीरें इंस्टाग्राम पर वायरल कर महिला की बदनामी कर देगा। लगातार मिल रही धमकियों के कारण पीड़िता और उसका परिवार मानसिक तनाव में था।
पति की हत्या और तलाक का भी बनाया दबाव
महिला ने पुलिस को बताया कि आरोपी केवल पैसों की मांग तक सीमित नहीं था, बल्कि उसने पति को जान से मरवाने की धमकी भी दी। साथ ही महिला पर पति से तलाक लेने का दबाव बनाकर लगातार मानसिक प्रताड़ना देता रहा।
तकनीकी जांच में सामने आया सच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने साइबर और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी की पहचान कर उसे हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने AI तकनीक का उपयोग कर महिला की तस्वीरों को एडिट किया और उन्हीं तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठने की कोशिश की।
मोबाइल और डिजिटल सबूत जब्त
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन तथा अन्य डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
पुलिस की अपील
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि AI और सोशल मीडिया जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर किसी को ब्लैकमेल करना, बदनाम करना या धमकी देना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति AI से फोटो या वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करे, सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दे या पैसों की मांग करे, तो घबराने के बजाय तत्काल नजदीकी पुलिस थाना या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।


