सरगुजा में विधायक VS तहसीलदार विवाद में नया मोड़, समर्थकों ने रोका रास्ता, पैदल गिरफ्तारी देने निकले विधायक रामकुमार टोप्पो

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सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो और राजस्व विभाग के अधिकारियों के बीच विवाद अब राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दा बनता जा रहा है। नायब तहसीलदार से कथित मारपीट मामले में केस दर्ज होने के बाद शुक्रवार को विधायक रामकुमार टोप्पो अपने समर्थकों के साथ गिरफ्तारी देने अंबिकापुर के लिए रवाना हुए।

इस दौरान उनके समर्थकों ने उन्हें रोकने की कोशिश की और सड़क पर लेटकर विरोध जताया। समर्थकों के रोकने के बावजूद विधायक गाड़ी से उतर गए और पैदल ही गिरफ्तारी देने के लिए निकल पड़े। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

बताया जा रहा है कि विधायक सरगुजा रेंज आईजी दीपक कुमार झा के समक्ष आत्मसमर्पण करने जा रहे थे। विधायक के साथ उनके कुछ समर्थक भी गिरफ्तारी देने पहुंचे। नायब तहसीलदार की शिकायत पर विधायक समेत 10 से 12 लोगों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

अधिकारी-कर्मचारी संघ हड़ताल पर

घटना के विरोध में राजस्व अधिकारी और कर्मचारी संघ ने कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी है। राजस्व निरीक्षक संघ ने विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सीतापुर थाने में प्रदर्शन भी किया। संघ का कहना है कि यदि आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

विधायक बोले- “सुशासन की सरकार में कानून सबके लिए समान”

गिरफ्तारी देने रवाना होने से पहले विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि राजस्व कर्मियों को हड़ताल करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि वे खुद गिरफ्तारी देने जा रहे हैं और कानून का सम्मान करते हैं।

विधायक ने समर्थकों से भी शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी प्रकार का जमावड़ा या तनाव पैदा करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि यह सुशासन की सरकार है और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने में भी कोई बाधा नहीं आई।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार विधायक रामकुमार टोप्पो की बहन किसी काम से नायब तहसीलदार कार्यालय पहुंची थीं। वहां किसी बात को लेकर अधिकारी से विवाद हो गया। आरोप है कि बहस के दौरान अधिकारी ने महिला के साथ दुर्व्यवहार किया और फाइल फेंक दी।

इसके बाद मामला बढ़ गया और विधायक समर्थकों तथा राजस्व अधिकारियों के बीच कथित हाथापाई की स्थिति बन गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

राजनीतिक माहौल गरम

घटना के बाद सरगुजा जिले की राजनीति गरमा गई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वहीं प्रशासन पूरे मामले को लेकर सतर्क नजर आ रहा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई जारी है।

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