
बिलासपुर में बिजली ऑपरेटर की मौत के बाद भड़के ग्रामीण, महासमुंद में जन्मदिन के शोर-शराबे को लेकर जज और प्रॉपर्टी डीलर आमने-सामने, सारंगढ़ में 16 लोगों पर एफआईआर
छत्तीसगढ़ में मारपीट की तीन अलग-अलग घटनाओं ने कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिलासपुर में बिजली विभाग के ऑपरेटर की करंट लगने से मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने डिवीजनल इंजीनियर को घेरकर लात-घूंसे और चप्पलों से पीट दिया। वहीं, जन्मदिन के आयोजन में ढोल-नगाड़े बजाने और पटाखे फोड़ने का विरोध करने पर एक न्यायाधीश और उनके परिवार के साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगा है। तीसरी घटना सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की है, जहां शराब पीने से रोकने की बात पर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इन घटनाओं में करीब नौ लोग घायल हुए हैं। तीनों मामलों में पुलिस ने शिकायतों के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिजली ऑपरेटर की मौत के बाद भड़के ग्रामीण, इंजीनियर को पीटा
बिलासपुर जिले के हिर्री थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुरेली में 31 अक्टूबर को बिजली विभाग में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत अमन साहू (35) की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने मृतक के परिवार को मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग करते हुए शव उठाने से रोक दिया।
ग्रामीणों ने ठेकेदार और बिजली विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। इसके बाद डीएसपी राजेश जोशी, डिवीजनल इंजीनियर मिलिंद पांडेय और विभाग के अन्य अधिकारी गांव पहुंचे। ग्रामीणों ने अपनी मांगों पर लिखित आश्वासन देने की बात कही।
दोपहर करीब 3:15 बजे जब डीई मिलिंद पांडेय कुछ ग्रामीणों से बातचीत करने के लिए थोड़ी दूर गए, तभी भीड़ ने उन्हें घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। लोगों ने उन पर लात-घूंसे बरसाए और चप्पलों से भी हमला किया। मौके पर मौजूद दो आरक्षकों ने किसी तरह उन्हें भीड़ से बाहर निकाला। मारपीट में उनके कपड़े फट गए और शरीर पर चोटें आईं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
डीई की शिकायत पर देर रात पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। वहीं, ऑपरेटर अमन साहू की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी भी जांच की जा रही है।
जन्मदिन के शोर-शराबे का विरोध करने पर जज से मारपीट का आरोप
दूसरी घटना बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत राजकिशोर नगर की है। महासमुंद के कुटुंब न्यायालय में पदस्थ न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी के घर के बाहर 31 अक्टूबर की रात जन्मदिन का आयोजन चल रहा था। आरोप है कि देर रात तेज आवाज में नगाड़े बजाए जा रहे थे और पटाखे फोड़े जा रहे थे।
शोर-शराबे से परेशान होकर न्यायाधीश घर से बाहर आए और आयोजन को बंद कराने की बात कही। इसी दौरान प्रॉपर्टी डीलर अभय बरुआ और उसके साथियों के साथ विवाद हो गया। शिकायत के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर न्यायाधीश और उनके परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट और छीना-झपटी की गई।
इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से काउंटर एफआईआर दर्ज कराई गई है। न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी की शिकायत पर प्रॉपर्टी डीलर अभय बरुआ के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं, मगरपारा निवासी विनय वैद्य की शिकायत पर न्यायाधीश सहित तीन लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
शराब पीने से रोकने पर दो पक्षों में खूनी संघर्ष, 9 घायल
तीसरी घटना सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सलिहा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुशभाठा की है। यहां शराब पीने से रोकने की बात को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया।
दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे पर हमला किया। घटना में करीब नौ लोगों को चोटें आई हैं। मारपीट का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
मामले में सलिहा पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। दोनों मामलों में कुल 16 लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
तीन घटनाओं ने खड़े किए कानून-व्यवस्था पर सवाल
छत्तीसगढ़ में सामने आई इन तीन घटनाओं में विवाद के कारण अलग-अलग रहे, लेकिन सभी मामलों में विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। कहीं बिजली ऑपरेटर की मौत के बाद मुआवजे की मांग कर रहे ग्रामीणों ने अधिकारी पर हमला किया, तो कहीं देर रात के शोर-शराबे को लेकर न्यायाधीश और प्रॉपर्टी डीलर के बीच विवाद हुआ। वहीं, शराब पीने से रोकने की बात पर दो पक्षों के बीच मारपीट हो गई। फिलहाल पुलिस तीनों मामलों की जांच में जुटी है।

