दुर्ग कलेक्ट्रेट के रिकॉर्ड रूम में निजी कर्मचारियों से कराया जा रहा था काम, चार महिला कर्मचारी और प्यून जांच के घेरे में

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महिला वकील की शिकायत पर कलेक्टर ने की औचक जांच, आरोप सही मिलने पर पांच कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश

दुर्ग। दुर्ग कलेक्ट्रेट के रिकॉर्ड रूम में सरकारी कर्मचारियों की कथित सांठगांठ से निजी व्यक्तियों द्वारा काम किए जाने का मामला सामने आया है। एक महिला वकील की शिकायत के बाद कलेक्टर अभिजीत सिंह ने स्वयं रिकॉर्ड रूम पहुंचकर औचक जांच की। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर चार महिला कर्मचारियों और एक प्यून के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं।

मामले में रिकॉर्ड रूम में पदस्थ महिला कर्मचारी सुवर्षा राव, पुष्पा वर्मा, भानुमति मरकाम और उषा यादव के साथ प्यून बलदाऊ यादव की भूमिका की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद सभी संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

निजी कर्मचारी खंगाल रहे थे सरकारी दस्तावेज

शिकायत के अनुसार, रिकॉर्ड रूम में निजी व्यक्तियों से काम कराया जा रहा था। ये निजी कर्मचारी सरकारी दस्तावेजों को खंगालने से लेकर रिकॉर्ड तैयार करने और आवेदकों को दस्तावेज उपलब्ध कराने तक का काम कर रहे थे। आरोप है कि निजी व्यक्तियों के माध्यम से कुछ लोगों को जल्दी रिकॉर्ड उपलब्ध करा दिया जाता था, जबकि आम नागरिकों और ग्रामीणों को अपने काम के लिए कई दिनों तक कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे।

इस व्यवस्था को लेकर स्थानीय वकीलों द्वारा पहले भी शिकायतें की गई थीं। रिकॉर्ड रूम में कथित आर्थिक अनियमितताओं की शिकायत भी सामने आई है।

एक कर्मचारी हो चुकी हैं सेवानिवृत्त

जांच के दायरे में शामिल चार महिला कर्मचारियों में से एक कर्मचारी दो दिन पहले ही सेवानिवृत्त हुई हैं। विभागीय जांच लंबित होने के कारण उनके सेवानिवृत्ति से संबंधित कुछ भुगतान रोक दिए गए हैं। फिलहाल उन्हें जीपीएफ और बीमा की राशि दी गई है। शेष राशि जांच में निर्दोष पाए जाने के बाद जारी की जाएगी।

वहीं, अन्य तीन महिला कर्मचारियों और प्यून को दूसरी शाखाओं में पदस्थ कर दिया गया है।

जांच पूरी होने के बाद होगी आगे की कार्रवाई

कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि एक महिला वकील की शिकायत मिलने के बाद वे स्वयं उनके साथ रिकॉर्ड रूम पहुंचे थे। वहां की स्थिति का निरीक्षण करने पर शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए गए। इसके बाद सभी संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिक जांच कराई गई और विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए।

डिप्टी कलेक्टर खेमलाल वर्मा के अनुसार, संबंधित कर्मचारियों को अपना पक्ष रखने और समर्थन में गवाह प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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