
दुर्ग।युवाओं को केवल सोशल मीडिया पर आधारित रील पर विश्वास कर कोई भी कदम उठाने से बचना चाहिए। उन्हें अफवाह नहीं बल्कि सही तथ्यों पर विश्वास करना चाहिए। ये उद्गार दुर्ग की महापौर श्रीमती अल्का बाघमार ने व्यक्त किये। श्रीमती बाघमार आज शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग ने एन, एस. इकाई साईस कालेज दुग एवं युवा कार्यकम खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रही थी। श्रीमती बाघमार ने कहा कि युवा एसआईआर को स्वयं अच्छे से समझे तथा अपने आसपास के लोगों को समझाने का प्रयास करें। गलत जनप्रतिनिधि चुनकर हम देश को गलत हाथों में सौप देते है। इसलिए प्रत्येक युवा को गंभीरतापूर्वक मतदान में हिस्सा लेना चाहिए। एसआईआर लोकतांत्रिक जागरूकता का प्रतीक है। इस प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक नागरिक को अधिकारियों से अच्छा व्यवहार करना चाहिए। जब युवा जागृत होता है, तो लोकतंत्र मजबूत होता है।
माता सरस्वती की वंदना एवं द्वीप प्रज्जवलन के साथ आरंभ हुये युवा संवाद कार्यक्रम में राष्ट्र गीत वंदे मातर्म तथा छत्तीसगढ़ राज्य गीत अरपा पैरी की धार की प्रस्तुति के पश्चात् कार्यक्रम की संचालक डॉ ज्योति धारकर ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। अतिथियों का स्वागत श्रीफल, शॉल एवं प्रतीक चिन्ह देकर किया गया। कार्यक्रम के आरंभ में माय भारत के जिला युवा अधिकारी श्री क्षितिज गुप्ता ने अपने स्वागत भाषण में बताया कि माय भारत युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन 500 जिलों में 25 अक्टूबर से 5 नवम्बर तक युवा एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित किया जायेगा। माय भारत का कार्यालय सम्पूर्ण भारत में 786 जिलों में स्थापित किया गया है। श्री क्षितिज गुप्ता ने बताया कि इसी विभाग के अंतर्गत आयोजित क्विज प्रतियोगिता में सर्वाधिक 44000 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। साईंस कालेज दुर्ग के एन.एस.एस. अधिकारी डॉ. तरूण साहू एवं डॉ. मीना मान ने संयुक्त रूप से जानकारी दी कि इसके पश्चात् कार्यक्रम की द्वितीय कड़ी में युवा आइकन साईंस कालेज दुर्ग के भूतपूर्व छात्र दीपांशु नेताम ने एसआईआर की जानकारी ने विकसित भारत युवा संवाद अपने वोट को पहचाने विषय पर पावर प्वाइंट प्रस्तुतिकरण दिया। अपने प्रस्तुतिकरण में उन्होंने बताया कि एसआईआर की प्रक्रिया राष्ट्रीय स्तर से लेकर बूथ लेवल स्तर तक है। श्री नेताम के अनुसार केवल वैध मतदाता का नाम ही मतदाता सूची में होगा।
युवा कार्यक्रम खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत दुर्ग जिले के उपनिदेशक श्री नितिन शर्मा ने कार्यक्रम की प्रांसगिकता पर विचार व्यक्त करते हुए बताया कि नागरिकों एवं युवाओं को वोट से संबंधित जिम्मेदारी का एहसास कराना ही इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि एसआईआर की सम्पूर्ण प्रकिया को गंभीरता से समझे। श्री शर्मा के अनुसार भारत में अब तक 8 बार एसआईआर की प्रक्रिया हो चुकी है। वर्तमान में 9वीं बार एसआईआर की प्रक्रिया जारी है।
कार्यक्रम के तृतीय चरण में युवा संवाद के अंतर्गत जन प्रतिनिधियों एवं विद्यार्थियों को खुले संवाद का अवसर प्रदान किया गया। इसमें विद्यार्थियों ने खुलकर अपने विचार रखें। विचार-विमर्श करने वालों में रोशनी द्विवेदी, मुस्कान साहू, कुशल कुमार, सागर बंजारे अनुभव झा, नूतन देशमुख तथा राधिका साहू शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मनित किया गया। इन खिलाड़ियों के संस्मरण एवं अनुभवों को हॉल में
उपस्थित लोगों ने सुनकर इसकी सराहना की। जिन खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया उसमें शहीद राजीव नाण्डेय पुरस्कार प्राप्त नेट बॉल खेल विधा में राज्य खेल अलंकरण समारोह में सम्मानित निशा कुमारी शामिल थी। इसके अलावा राज्य खेल अलंकरण समारोह में ही खो-खो खेल विधा में ही शहीद पंकज विक्रम पुरस्कार से सम्मानित अंकुश सिंह को भी समारोह में भी पुरस्कृत किया गया। युवा संवाद दौरान विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न मुद्दों पर पूछे गये प्रश्नों का मुख्य अतिथि महापौर अल्का बाद्यमार ने संजीदगी से उत्तर दिया।
समारोह के दौरान साईंस कालेज दुर्ग के राधा कृष्णन सभागार में उपस्थित सभी लोगों को लोकतांत्रिक शपथ दिलायी गयी। राष्ट्र गान के साथ समाप्त हुये युवा संवाद कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अजय कुमार सिंह ने किया। डॉ. सिंह ने कार्यक्रम को पूर्ण रूप से सफल बताते हुए कहा कि आज के कार्यक्रम में युवाओं के मन मस्तिष्क को तरंगित किया। इस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जन प्रतिनिधि तथा साईंस कालेज के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. अभिनेष सुराना, डॉ. राकेश रंजन सिंह, डॉ प्रशांत श्रीवास्तव, डॉ. जीएस ठाकुर, डॉ. मीना मान, डॉ. प्रीति तन्ना टांक, डॉ लक्ष्मेन्द्र कुलदीप, डॉ. सीमा पंजवानी, डॉ. लतिका ताम्रकार, डॉ. ओम कुमारी देवांगन सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापक एवं लगभग 300 से अधिक छात्र-छात्राएं उपस्थित थी।
