
तीन प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थ बनाने पर लगाई रोक, 1000 लीटर दूध भी कराया गया नष्ट; बिस्किट पैकेट पर 9 दिन आगे की तारीख डालकर पैकिंग करने का मामला आया सामने
दुर्ग-भिलाई। त्योहारों के मौसम में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने भिलाई में मिठाई दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों पर औचक जांच की। शुक्रवार को की गई इस कार्रवाई में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। कहीं एक्सपायरी दूध से पनीर बनाया जा रहा था, तो कहीं गंदगी के बीच मिठाइयां तैयार की जा रही थीं। विभाग ने कार्रवाई करते हुए करीब 2500 किलो मिठाई और 1000 लीटर दूध नष्ट कराया। गंभीर खामियां मिलने पर तीन प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थ बनाने का काम भी बंद करा दिया गया।
एक्सपायरी दूध से बनाया जा रहा था पनीर
नंदनी रोड स्थित मां दुर्गा डेयरी में जांच के दौरान पनीर और दही का निर्माण अस्वच्छ परिस्थितियों में होता मिला। पनीर बनाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे पैक्ड दूध की एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी। खाद्य विभाग की टीम ने पनीर, दूध और दही के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे। इसके बाद नगर निगम की सहायता से करीब 1000 लीटर दूध और 80 किलो दही नष्ट कराया गया।
लड्डुओं में मिलावट की आशंका, 250 किलो सामग्री नष्ट
कैंप-2 स्थित गुप्ताजी लड्डू हाउस में जांच के दौरान करीब 250 किलो मैदे के लड्डू मिले। इन लड्डुओं में निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं होने वाले खाद्य रंग और स्वीटनिंग एजेंट के इस्तेमाल की आशंका जताई गई। अनियमितताएं मिलने के बाद विभाग ने लड्डुओं को नष्ट करने की कार्रवाई की।
गंदगी में बन रही थीं मिठाइयां, बिना लेबल के हो रही थी पैकिंग
बैकुंठधाम, कैंप-2 स्थित मुस्कान फूड प्रोडक्ट्स में भी साफ-सफाई की गंभीर कमी सामने आई। यहां गंदगी के बीच मिठाइयां तैयार करने और उनकी पैकिंग करने का काम चल रहा था। लड्डू, सोनपापड़ी, पेड़ा और बर्फी जैसी मिठाइयां बिना लेबल वाले प्लास्टिक के जार में पैक की जा रही थीं।
जांच के दौरान करीब 200 किलो पेड़ा, 1020 किलो सोनपापड़ी और 70 किलो मसूर पाक सहित अन्य मिठाइयों को नष्ट करने की कार्रवाई की गई। विभाग के अनुसार, तीनों प्रतिष्ठानों से कुल मिलाकर लगभग 2500 किलो मिठाई और 1000 लीटर दूध नष्ट कराया गया।
तीन प्रतिष्ठानों में काम बंद, लाइसेंस निलंबन की सिफारिश
खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद विभाग ने तीनों प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों के निर्माण पर रोक लगा दी है। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस एक सप्ताह के लिए निलंबित करने की सिफारिश भेजी जाएगी। निर्धारित अवधि में आवश्यक सुधार नहीं किए जाने पर निलंबन की अवधि बढ़ाई जा सकती है।
बिस्किट पैकेट पर 9 दिन आगे की तारीख, संचालक पर होगी कार्रवाई
वैशाली नगर स्थित जलाराम नमकीन एंड डेयरी में भी खाद्य विभाग की टीम ने औचक जांच की। यहां बिस्किट के पैकेट पर 1 नवंबर 2026 की तारीख डालकर पैकिंग की जा रही थी, जबकि निरीक्षण 23 अक्टूबर 2026 को किया गया था। इस तरह पैकेट पर करीब नौ दिन आगे की तारीख अंकित की जा रही थी।
विभाग ने इसे ग्राहकों को गुमराह करने वाला मामला मानते हुए दुकान संचालक के खिलाफ भ्रामक जानकारी देने से संबंधित प्रकरण तैयार किया है। मामले को न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं: आयुक्त
खाद्य सुरक्षा विभाग के आयुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच की जा रही है। इसी क्रम में दुर्ग जिले में भी कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों का निर्माण साफ-सुथरे वातावरण में होना चाहिए। एक्सपायरी सामग्री का इस्तेमाल और खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी।
खाद्य विभाग की इस कार्रवाई से खाद्य पदार्थों के निर्माण और बिक्री में स्वच्छता तथा गुणवत्ता मानकों के पालन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। उपभोक्ताओं की सेहत को ध्यान में रखते हुए विभाग ने प्रतिष्ठानों को नियमों का पालन करने की हिदायत दी है।

