
सलमान खान को ‘असली टाइगर’ बताने से लॉरेंस गैंग की नाराजगी का दावा; मुंबई से सूरत और फिर जयपुर जाने की फिराक में थे आरोपी, अब तक 10 गिरफ्तार
मुंबई। अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपियों को बाहर से मदद मिल रही थी। एक व्यक्ति टीवी न्यूज के जरिए पुलिस की जांच पर नजर रख रहा था और शूटर्स को लगातार अपडेट दे रहा था। जब न्यूज चैनलों पर आरोपियों के चेहरे दिखाई दिए, तो रेहान को मैसेज भेजकर वहां से निकलने के लिए कहा गया। आरोपियों को यह भी बताया गया कि पुलिस को उनकी बाइक मिल गई है और ट्रेन से भागने की योजना का पता चल चुका है। इसके बाद उन्होंने भागने का रास्ता बदल दिया।
बाइक छोड़कर कैब से सूरत पहुंचे, फिर ट्रेन से भागने की कोशिश
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग करने के बाद आरोपी बाइक से मुंबई छोड़ने की योजना बना रहे थे। हालांकि, बाद में उन्होंने अंधेरी में बाइक छोड़ दी और बोरीवली से कैब लेकर सूरत पहुंच गए।
आरोपियों ने पहले सूरत से बस के जरिए आगे जाने की योजना बनाई थी, लेकिन बस में देरी होने के कारण उन्होंने जयपुर जाने वाली ट्रेन पकड़ ली। मुंबई पुलिस से मिली सूचना के आधार पर राजस्थान पुलिस ने 19 अक्टूबर को कोटा रेलवे स्टेशन पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
कैब ड्राइवर की कॉल से मिला पुलिस को सुराग
जांच में सामने आया कि आरोपी अपने हैंडलर्स से इंटरनेट के जरिए वॉयस कॉल पर बातचीत कर रहे थे। इस तरह की कॉल सामान्य मोबाइल कॉल रिकॉर्ड में दर्ज नहीं होतीं, जिससे पुलिस के लिए उनकी बातचीत का पता लगाना मुश्किल हो रहा था।
हालांकि, बोरीवली से सूरत ले जाने वाले कैब ड्राइवर को आरोपियों ने सामान्य मोबाइल कॉल की थी। इसी कॉल के आधार पर पुलिस को उनके सूरत पहुंचने का सुराग मिला। इसके बाद जांचकर्ताओं ने उस रेलवे स्टेशन का भी पता लगाया, जहां से आरोपी जयपुर जाने वाली ट्रेन में सवार हुए थे।
टीवी न्यूज से अपडेट भेजने वाले हैंडलर की तलाश
पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में शूटर रेहान फोन पर बात करता दिखाई दिया था। जांच के दौरान इंटरनेट कॉलिंग के जरिए संपर्क किए जाने की आशंका सामने आई। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों की बातचीत से जुड़े कुछ सबूत भी मिले हैं, हालांकि इस्तेमाल किए गए कम्युनिकेशन ऐप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस अब तक यह पता नहीं लगा पाई है कि टीवी न्यूज देखकर शूटर्स को जांच से जुड़ी जानकारी कौन भेज रहा था। जांचकर्ताओं को अनिल पंडित, अंकित खटक और समीर खत्री में से किसी के हैंडलर की भूमिका में होने का संदेह है। पुलिस के मुताबिक, अंकित और समीर शूटर्स तथा अनिल पंडित के बीच संपर्क का काम करते थे। इन भूमिकाओं को लेकर जांच जारी है।
सलमान खान की तारीफ से नाराजगी का दावा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी फूल सिंह ने पूछताछ में दावा किया कि मुख्य आरोपी अनिल पंडित ने उसे टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने की वजह बताई थी। फूल सिंह के अनुसार, वर्ष 2022 में फिल्म ‘हीरोपंती 2’ के प्रचार के दौरान टाइगर श्रॉफ ने सलमान खान की तारीफ करते हुए उन्हें इंडस्ट्री का असली टाइगर बताया था। उन्होंने खुद को सलमान के सामने बिल्ली जैसा बताया था।
आरोपी ने दावा किया कि सलमान खान की तारीफ करने के कारण लॉरेंस बिश्नोई गैंग टाइगर श्रॉफ से नाराज था और उनसे बदला लेना चाहता था। हालांकि, यह आरोपियों की ओर से किया गया दावा है। इस कथित वजह की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
18 अक्टूबर को हुई थी फायरिंग, टाइगर सुरक्षित
18 अक्टूबर की शाम मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर पांच से छह राउंड फायरिंग की गई थी। घटना में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित बच गए, जबकि उनके ड्राइवर और एक व्लॉगर के घायल होने की जानकारी सामने आई थी।
घटना के बाद अनिल पंडित ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से संबंध होने का दावा करते हुए फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी। पुलिस इस मामले में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फायरिंग की साजिश किसने रची, आरोपियों को किस स्तर पर मदद मिली और टीवी न्यूज के जरिए उन्हें अपडेट भेजने वाला व्यक्ति कौन था।

