
डोंगरगढ़। शासकीय नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डोंगरगढ़ में सत्र 2026-27 के लिए इतिहास एवं हिंदी विभाग की परिषदों का गठन किया गया। दोनों विभागों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को विभिन्न दायित्व सौंपे गए। परिषद गठन का उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, व्यक्तित्व विकास तथा विभागीय गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता को बढ़ावा देना है।
इतिहास परिषद में छबिधर साहू अध्यक्ष मनोनीत
महाविद्यालय के इतिहास विभाग में गठित इतिहास परिषद में छबिधर साहू को अध्यक्ष, कु. लिलिमा को उपाध्यक्ष, देवेंद्र साहू को सचिव, लोकेश्वर महोबिया को सहसचिव, कु. विनीता साहू को कोषाध्यक्ष तथा कु. निगिता पटेल को मीडिया प्रभारी मनोनीत किया गया। वहीं वेदवती, देवेंद्र चंद्रवंशी, युवराज, चंदन वर्मा एवं साहिल को कार्यक्रम कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रदीप कुमार जांबुलकर ने नवनियुक्त परिषद के सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए उनके दायित्वों एवं कर्तव्यों से अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों से विभागीय गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।
इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. श्रीमती आशा चौधरी ने मनोनीत सदस्यों को बैच प्रदान किए। उन्होंने कहा कि विभाग में आयोजित विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को सफल बनाने में इतिहास परिषद की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
हिंदी परिषद में टाकेश्वर साहू बने अध्यक्ष
हिंदी विभाग द्वारा स्नातकोत्तर स्तर पर हिंदी परिषद का गठन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। छात्रा तामेश्वरी सिन्हा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इस अवसर पर प्रभारी प्राचार्य डॉ. प्रदीप कुमार जांबुलकर एवं कला संकाय प्रभारी डॉ. श्रीमती आशा चौधरी का स्वागत किया गया।
हिंदी परिषद में टाकेश्वर साहू को अध्यक्ष, कामिनी वर्मा को उपाध्यक्ष, चित्ररेखा यादव को सचिव, दीक्षा भारती को सहसचिव तथा हिमेंद्र पटेल को कोषाध्यक्ष मनोनीत किया गया। तामेश्वरी सिन्हा एवं सुभाष साहू को सांस्कृतिक प्रभारी, पीयुष यादव को साहित्यिक प्रभारी तथा दीपक साहू एवं आशु सिन्हा को ग्रंथालय प्रभारी बनाया गया। पूजा साहू, सेवती, दीपक वर्मा एवं मोरध्वज को कार्यकारिणी सदस्य की जिम्मेदारी दी गई।
प्रभारी प्राचार्य डॉ. प्रदीप कुमार जांबुलकर ने कहा कि परिषद में पदाधिकारी के रूप में मनोनीत होना महत्वपूर्ण दायित्व है। विद्यार्थियों को अपने पद की गरिमा को समझते हुए जिम्मेदारियों का ईमानदारी एवं अनुशासन के साथ निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने अध्ययन के साथ नेतृत्व क्षमता एवं व्यक्तित्व विकास को भी आवश्यक बताया।
कला संकाय प्रभारी डॉ. श्रीमती आशा चौधरी ने कहा कि परिषद की गतिविधियों से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा एवं क्षमताओं को निखारने का अवसर मिलता है। हिंदी विभाग प्रभारी डॉ. नीता राजपूत ने सभी पदाधिकारियों से अपने दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करने का आह्वान किया। डॉ. येशुक्रिती हजारे एवं सुश्री नीलम सिन्हा ने भी विद्यार्थियों को विभागीय गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया।
दोनों परिषदों के नवनियुक्त पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों को पद की गरिमा और दायित्वों के निर्वहन की शपथ दिलाई गई। हिंदी विभाग की ओर से प्रभारी प्राचार्य डॉ. प्रदीप कुमार जांबुलकर को श्रीफल एवं लेखनी भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रमों में संबंधित विभागों के प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

