
कार में जबरन बैठाकर भिलाई ले जाने का आरोप
रायपुर। दलदल सिवनी निवासी 12वीं कक्षा के एक नाबालिग छात्र के दिनदहाड़े अपहरण और उसके साथ बेरहमी से मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि कुछ युवकों ने छात्र को जबरन कार में बैठाया और माना तथा कुम्हारी के रास्ते भिलाई ले गए। इसके बाद एक सुनसान मैदान में उसके साथ जमकर मारपीट की गई।
बेसबॉल के बल्लों से पीटने का आरोप
परिजनों के मुताबिक आरोपियों ने छात्र की बेरहमी से पिटाई की। आरोप है कि मारपीट के दौरान बेसबॉल के बल्लों का इस्तेमाल किया गया और पिटाई इतनी ज्यादा की गई कि दो बल्ले तक टूट गए। गंभीर रूप से घायल छात्र को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
चेन, अंगूठी, मोबाइल और नकदी छीनने का आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान छात्र के गले की चेन, अंगूठी और मोबाइल फोन के अलावा करीब 40 हजार रुपये नकद भी छीन लिए गए। घटना के बाद परिजनों ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
चार नामजद समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज
मामले में अरमान सिद्दीकी, मुदित मिश्रा, शिव सोनी और रोशन सोनी समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने अपहरण, मारपीट और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि अरमान सिद्दीकी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है।
जामुल थाने में जीरो पर एफआईआर
मामले में जामुल थाने में जीरो पर एफआईआर दर्ज की गई है। घटना का संबंध रायपुर से होने और छात्र को भिलाई ले जाकर मारपीट किए जाने के कारण जांच को लेकर अलग-अलग थाना क्षेत्रों और दो जिलों की पुलिस के बीच क्षेत्राधिकार का मामला भी सामने आया है।
परिजनों का आरोप है कि दोनों जिलों की पुलिस सीमा के कारण कार्रवाई में देरी हो रही है। हालांकि, पुलिस की ओर से जांच की वर्तमान स्थिति और कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
पुलिसकर्मी की भूमिका पर भी परिजनों ने उठाए सवाल
परिजनों ने भिलाई के एक पुलिसकर्मी की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि इस मामले में पुलिसकर्मी की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। हालांकि, इस आरोप की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस के सामने अब छात्र के अपहरण की पूरी घटना, आरोपियों के बीच संबंध, मारपीट की वजह, कथित लूट और पुलिसकर्मी की भूमिका से जुड़े आरोपों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की चुनौती है। नाबालिग छात्र की गंभीर हालत को देखते हुए परिजन आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

