
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में श्मशान घाट पर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा की तस्वीर रखकर कथित रूप से तंत्र साधना किए जाने का मामला सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई जारी है। मामले में एक युवक को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि उसके तीन साथी अभी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश में उनके संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के यहां दबिश दी है।
मामला सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम देवरी स्थित मुक्तिधाम का है। पुलिस के अनुसार, 7 अगस्त की रात चार युवक श्मशान घाट में कुछ तस्वीरें रखकर पूजा-पाठ कर रहे थे। इनमें हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा के अलावा दो अन्य लोगों की तस्वीरें भी शामिल थीं। गतिविधि की जानकारी मिलने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और एक युवक को पकड़ लिया, जबकि उसके तीन साथी वहां से भाग निकले।
भीड़ ने पकड़े युवक की पिटाई के बाद पुलिस को सौंपा
मौके पर पकड़े गए युवक की पहचान राजकिशोर नगर निवासी ऋषिकेश के रूप में हुई है। बताया गया कि लोगों ने पहले उसकी पिटाई की और बाद में पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
श्मशान घाट से मिली पूजा सामग्री
घटना स्थल से पुलिस को मरी हुई मछली, नींबू, सिंदूर और अन्य पूजा सामग्री मिली। तस्वीरों में हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के अलावा जेल में बंद प्रियांशु बोले और शिकायतकर्ता की तस्वीरें भी शामिल होने की बात सामने आई है। पुलिस अब इन तस्वीरों को वहां रखने के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है।
फरार आरोपियों की तलाश में घर और दुकान पर दबिश
पुलिस के मुताबिक फरार आरोपियों में ओम बोले भी शामिल है। पुलिस उसकी तलाश में उसके घर और दुकान पर पहुंची, लेकिन दोनों जगह ताला लगा मिला। परिवार के सदस्य भी मौके पर नहीं मिले। इसके बाद पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के यहां दबिश दी।
पुलिस फरार आरोपियों के संपर्क में रहने वाले लोगों से भी पूछताछ कर रही है, ताकि उनके बारे में जानकारी जुटाई जा सके और जल्द गिरफ्तारी की जा सके।
तंत्र साधना की सलाह किसने दी, जांच में जुटी पुलिस
जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि आरोपियों को श्मशान घाट में इस तरह की गतिविधि करने की सलाह किसने दी थी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या आरोपियों ने सोशल मीडिया के जरिए किसी कथित तांत्रिक से संपर्क किया था या किसी अन्य व्यक्ति ने उन्हें ऐसा करने के लिए कहा था।
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में पूरे मामले की वास्तविक वजह और घटनाक्रम की कड़ियां स्पष्ट हो सकेंगी। फिलहाल पुलिस की टीम फरार आरोपियों की तलाश में लगातार कार्रवाई कर रही है।

