
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सरकंडा स्थित बाल संप्रेक्षण (सुधार) गृह में रविवार देर रात एक सनसनीखेज घटना सामने आई। यहां चार बाल अपचारियों ने कथित रूप से चौकीदार की हत्या कर दी और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें गठित कर दी हैं, जबकि मृतक के परिजनों ने सुधार गृह का घेराव कर शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से रोकते हुए मुआवजा, सरकारी नौकरी और उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
मृतक की पहचान तखतपुर क्षेत्र के अरईबंद निवासी नरेंद्र कुमार खांडे (40) के रूप में हुई है। वह पिछले लगभग एक वर्ष से बाल सुधार गृह में चौकीदार के पद पर कार्यरत थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चारों बाल अपचारियों ने पहले चौकीदार के साथ मारपीट की, फिर उनके हाथ-पैर बांध दिए, गला दबाकर हत्या कर दी और मुंह में गमछा ठूंस दिया। वारदात के बाद चारों परिसर से फरार हो गए।
परिजनों का प्रदर्शन, 12 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा
घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में बाल सुधार गृह पहुंचे और परिसर का घेराव कर दिया। परिजनों ने अधिकारियों को 12 सूत्रीय मांग पत्र सौंपते हुए मृतक के परिवार को उचित मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी, परिवार के भरण-पोषण की व्यवस्था, पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच तथा दोषियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सुधार गृह प्रबंधन पर गंभीर आरोप
परिजनों ने सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि फरार आरोपियों में से एक की उम्र 20 वर्ष हो चुकी थी और उसे जल्द ही केंद्रीय जेल भेजा जाना था। वहीं अन्य बाल अपचारी हत्या और दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों में निरुद्ध थे। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी लापरवाही सामने आई है।
पुलिस जुटी जांच और तलाश में
घटना की जानकारी मिलते ही सरकंडा थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं तथा सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद पूरे घटनाक्रम की तस्वीर साफ होगी। फरार चारों बाल अपचारियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं।
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
गौरतलब है कि इससे पहले अंबिकापुर के बाल संप्रेक्षण गृह से भी हत्या, दुष्कर्म और लूट जैसे मामलों में निरुद्ध 11 नाबालिग खिड़की की ग्रिल उखाड़कर फरार हो गए थे। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने प्रदेश के बाल सुधार गृहों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

