
दुर्ग-भिलाई
रेलवे भर्ती में मेडिकल परीक्षण के दौरान अभ्यर्थी को “अनफिट से फिट” कराने का झांसा देकर 5 लाख रुपए रिश्वत मांगने वाले छत्तीसगढ़ के 2 खिलाड़ियों को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी रेलवे में स्पोर्ट्स कोटे से नौकरी कर रहे थे। इनमें इंटरनेशनल बॉडी बिल्डिंग रेफरी बी. राजशेखर राव और वेटलिफ्टर राजलक्ष्मी शामिल हैं।
CBI के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने रेलवे भर्ती प्रक्रिया में शामिल एक अभ्यर्थी से संपर्क कर मेडिकल में पास कराने के नाम पर पैसों की मांग की थी। आरोप है कि उन्होंने कहा था कि यदि अभ्यर्थी मेडिकल में अनफिट घोषित होता है तो उसे फिट करवा देंगे। पैसे नहीं देने पर फेल कराने की धमकी भी दी गई थी। शिकायत मिलने के बाद CBI ने ट्रैप कार्रवाई कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
राजलक्ष्मी रेलवे में स्पोर्ट्स कोटे से सीसी-टीसी (कमर्शियल क्लर्क) के पद पर कार्यरत है, जबकि बी. राजशेखर राव वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (टेक्नीशियन-2) के पद पर पदस्थ हैं। दोनों वेटलिफ्टिंग और बॉडी बिल्डिंग से जुड़े खिलाड़ी बताए जा रहे हैं।
मेडिकल टेस्ट के नाम पर शुरू हुआ खेल
CBI के अनुसार, रायपुर रेल मंडल में स्पोर्ट्स कोटे से भर्ती प्रक्रिया चल रही थी। एक अभ्यर्थी लिखित परीक्षा और फिजिकल टेस्ट पास कर चुका था। उसका मेडिकल परीक्षण बाकी था। इसी दौरान दोनों आरोपियों ने उससे संपर्क किया और मेडिकल प्रक्रिया को प्रभावित करने का दावा करते हुए रिश्वत मांगी।
बताया जा रहा है कि आरोपियों ने अभ्यर्थी को भरोसा दिलाया था कि यदि वह मेडिकल में अनफिट भी हो गया तो उसे फिट घोषित करवा दिया जाएगा। इसके बदले 5 लाख रुपए मांगे गए थे। कुछ रकम पहले ही ली जा चुकी थी।
शिकायत के बाद CBI की कार्रवाई
अभ्यर्थी ने पूरे मामले की शिकायत CBI से की। शिकायत की पुष्टि होने के बाद एजेंसी ने कार्रवाई की योजना बनाई। शनिवार को CBI टीम ने बी. राजशेखर राव को दुर्ग के न्यू पुलिस लाइन स्थित घर से गिरफ्तार किया, जबकि राजलक्ष्मी को रायपुर स्थित DRM ऑफिस से हिरासत में लिया गया।
कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों के ठिकानों पर तलाशी भी ली गई। सूत्रों के मुताबिक, जांच में लाखों रुपए नकद मिलने की जानकारी सामने आई है। हालांकि बरामद रकम का आधिकारिक खुलासा अभी नहीं किया गया है।
कोर्ट में पेश, जांच जारी
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को विशेष न्यायाधीश दीक्षा देशलहरा की अदालत में पेश किया गया। CBI अब यह जांच कर रही है कि भर्ती प्रक्रिया में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा क्या इससे पहले भी इसी तरह अभ्यर्थियों से वसूली की गई थी।
रेलवे भर्ती में मेडिकल पास कराने के नाम पर रिश्वत मांगने का मामला सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।


