
दुर्ग। दुर्ग जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत संचालित एक सरकारी राशन दुकान में बड़े पैमाने पर अनियमितता का मामला सामने आया है। खाद्य विभाग और भिलाई नगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में शासकीय उचित मूल्य दुकान के अध्यक्ष को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में ऑनलाइन रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच 1007.51 क्विंटल चावल की कमी पाई गई है, जिससे सरकारी राशन की कालाबाजारी और हेराफेरी की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, कलेक्टर (खाद्य शाखा) दुर्ग के निर्देश पर खाद्य निरीक्षक चंद्रकांत बघेल ने सेक्टर-07 मार्केट स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान का निरीक्षण किया। जांच में ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार दुकान में 1034.01 क्विंटल अरवा चावल दर्ज था, जबकि मौके पर केवल 26.50 क्विंटल चावल ही उपलब्ध मिला। इस प्रकार 1007.51 क्विंटल चावल कम पाया गया। निरीक्षण के दौरान वितरण रजिस्टर, बैठक रजिस्टर और बारदाना रजिस्टर तो मिले, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण स्टॉक रजिस्टर उपलब्ध नहीं कराया गया।
जांच समिति द्वारा पूछताछ में दुकान के अध्यक्ष धनंजय सिंह राजपूत चावल की इतनी बड़ी कमी का कोई संतोषजनक कारण नहीं बता सके। प्रारंभिक जांच में छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश-2016 और अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत भिलाई नगर थाना में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर अध्यक्ष धनंजय सिंह राजपूत (63 वर्ष), निवासी सेक्टर-07 भिलाई को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
खाद्य विभाग और पुलिस का मानना है कि मामले में सरकारी राशन की कालाबाजारी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अब यह जांच की जा रही है कि 1007 क्विंटल से अधिक चावल कहां गया और इस कथित हेराफेरी में अन्य लोगों की भी संलिप्तता है या नहीं। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
