
बलौदाबाजार 10 मई 2026। बलौदाबाजार जिले के सोनाखान वन विभाग में एक कथित शराब और मुर्गा पार्टी के बाद शुरू हुआ विवाद अब प्रशासनिक और सामाजिक चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। मामला उप वनमंडल अधिकारी (एसडीओ) की कथित तौर पर गायब हुई सोने की चेन से जुड़ा है। इस घटना के बाद विभाग के चार दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को संदेह के आधार पर काम से हटा दिया गया, जिसके बाद कर्मचारियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
जानकारी के अनुसार, सोनाखान वन विभाग परिसर में कुछ समय पहले एक पार्टी आयोजित हुई थी। आरोप है कि इस पार्टी में शराब के साथ बकरा और मुर्गा भोज का आयोजन किया गया था। कर्मचारियों द्वारा दिए गए आवेदन में दावा किया गया है कि पार्टी में विभाग के करीब 12 लोग मौजूद थे, जिनमें उप वनमंडल अधिकारी, प्रशिक्षु एसीएफ, प्रशिक्षु रेंजर और अन्य कर्मचारी शामिल थे।
बताया जा रहा है कि पार्टी खत्म होने के बाद एसडीओ की सोने की चेन गायब होने की बात सामने आई। इसके बाद विभाग के चार दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों पर संदेह जताया गया और उन्हें काम से हटा दिया गया। हालांकि कर्मचारियों का कहना है कि अब तक किसी भी जांच में उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है।

दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि पुलिस जांच पूरी हुए बिना ही उन्हें पिछले तीन महीनों से काम से बाहर रखा गया है। उनका कहना है कि उन्हें जबरन चोरी के मामले में आरोपी बनाने की कोशिश की जा रही है। कर्मचारियों ने इस पूरे मामले को अन्यायपूर्ण बताते हुए मोहतरा में आयोजित सुशासन त्यौहार में आवेदन देकर निष्पक्ष जांच और बहाली की मांग की है।
आवेदन में कर्मचारियों ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पार्टी के दौरान शराब सेवन, नाच-गाना और भोज का आयोजन हुआ था, लेकिन कार्रवाई केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर की जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विभाग के कुछ लोगों द्वारा तांत्रिक विद्या और मानसिक दबाव के जरिए उन्हें प्रताड़ित किया गया।
कर्मचारियों का कहना है कि यदि चोरी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन बिना प्रमाण किसी को दोषी मान लेना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पार्टी में कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे, तो केवल दैनिक वेतनभोगियों को ही निशाना क्यों बनाया गया।
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद वन विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। सरकारी कार्यालय परिसर में कथित शराब पार्टी और भोज आयोजन को लेकर लोग सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो यह सरकारी अनुशासन और आचार संहिता का गंभीर उल्लंघन है।

