हेमचंद यादव विश्वविद्यालय ने जारी किए री-टोटलिंग के नतीजे, अधिकांश छात्रों को मिली निराशा
दुर्ग। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय द्वारा दिसंबर-जनवरी 2025-26 सेमेस्टर परीक्षाओं की पुनर्गणना (री-टोटलिंग) के परिणाम जारी कर दिए गए हैं। अंकों में सुधार की उम्मीद लगाए बैठे 191 छात्र-छात्राओं में से अधिकांश को मायूसी हाथ लगी है। विश्वविद्यालय की सूची के अनुसार केवल 11 छात्रों के अंकों में बदलाव हुआ, जबकि 180 छात्रों के परिणाम में कोई परिवर्तन नहीं आया।
सबसे बड़ी राहत सिर्फ दो छात्रों को मिली। बीएड फर्स्ट सेमेस्टर के छात्र इकु बिस्वास और एलएलएम थर्ड सेमेस्टर की छात्रा संतोषी सलामे पहले एटीकेटी श्रेणी में थे, लेकिन री-टोटलिंग के बाद दोनों का परिणाम बदलकर उत्तीर्ण घोषित कर दिया गया।
इसके अलावा 9 छात्रों के अंक बढ़े जरूर, लेकिन उनके मुख्य परिणाम पर कोई असर नहीं पड़ा। बीएड फर्स्ट सेमेस्टर के 2 और थर्ड सेमेस्टर के 3 छात्रों सहित कुल 5 छात्रों के अंक बढ़े, लेकिन वे पहले की तरह ही पास या फेल की स्थिति में बने रहे। वहीं बीबीए फर्स्ट, थर्ड और फिफ्थ सेमेस्टर के एक-एक छात्र तथा एमए हिंदी थर्ड सेमेस्टर के एक छात्र के अंकों में भी वृद्धि हुई, लेकिन परिणाम अपरिवर्तित रहा।
बीसीए और बीएड के छात्रों को सबसे ज्यादा झटका
विश्वविद्यालय की सूची में सबसे अधिक निराशा बीसीए और बीएड के छात्रों को हाथ लगी। बीसीए के कुल 71 छात्रों के परिणाम में कोई बदलाव नहीं हुआ। इनमें फर्स्ट सेमेस्टर के 4, थर्ड सेमेस्टर के 29 और फिफ्थ सेमेस्टर के 38 छात्र शामिल हैं।
बीएड में भी 53 छात्रों के अंकों में कोई सुधार नहीं हुआ। इनमें अकेले फर्स्ट सेमेस्टर के 40 छात्र शामिल हैं। इसके अलावा बीबीए, एलएलबी और अन्य पाठ्यक्रमों के कई छात्र भी री-टोटलिंग के बाद पुराने परिणाम पर ही कायम रहे।
एमए, एमएससी और प्रोफेशनल कोर्स के नतीजे भी जस के तस
एमए के 21 और एमएससी के 7 छात्रों के परिणाम में भी कोई परिवर्तन नहीं हुआ। एलएलबी के विभिन्न सेमेस्टरों के कुल 7 छात्रों के अंकों में भी सुधार नहीं पाया गया।
इसके अलावा बीपीएड, एमएड, पीजी डिप्लोमा इन योगा और अन्य पाठ्यक्रमों के कुल 21 छात्रों के परिणाम भी यथावत रहे। पुनर्गणना के बाद भी अधिकांश छात्रों को निराशा ही हाथ लगी है।

