छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और सैनिकों के सम्मान को ध्यान में रखते हुए संपत्ति रजिस्ट्री से जुड़ा बड़ा निर्णय लिया है। अब महिलाओं के नाम पर होने वाली जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री में पंजीयन शुल्क पर 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। वहीं सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को 25 लाख रुपये तक की संपत्ति की रजिस्ट्री पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की राहत दी गई है। सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है और यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

रायपुर 7 मई 2026। छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और संपत्ति का स्वामी बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य सरकार ने महिलाओं के नाम पर होने वाले भूमि और अचल संपत्ति के पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया है। इस संबंध में अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई है, जिसके साथ ही यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
नई व्यवस्था के अनुसार यदि किसी अचल संपत्ति का हस्तांतरण महिलाओं के पक्ष में किया जाता है, तो उस पर लागू होने वाले निर्धारित रजिस्ट्रेशन शुल्क में सीधे 50 प्रतिशत की कमी की जाएगी। वर्तमान में संपत्ति के बाजार मूल्य के आधार पर 4 प्रतिशत की दर से पंजीयन शुल्क लिया जाता है, लेकिन अब महिलाओं के नाम पर होने वाली रजिस्ट्री में यह शुल्क घटकर केवल 2 प्रतिशत रह जाएगा।
राज्य सरकार का मानना है कि इस फैसले से महिलाओं को संपत्ति खरीदने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और वे आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगी। लंबे समय से महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीद को बढ़ावा देने की मांग उठती रही है। सरकार के इस कदम को सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इसी के साथ राज्य सरकार ने सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को भी बड़ी राहत दी है। सरकार ने 25 लाख रुपये तक की संपत्ति की रजिस्ट्री पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट देने का फैसला किया है। यह निर्णय सैनिकों के सम्मान और उनके कल्याण को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
बताया गया है कि विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी की पहल पर इस प्रस्ताव को तैयार किया गया था। अधिसूचना जारी होने के बाद यह छूट भी प्रभावशील हो गई है। हालांकि यदि संपत्ति का मूल्य 25 लाख रुपये से अधिक होगा, तो अतिरिक्त राशि पर नियमानुसार स्टाम्प शुल्क देना होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार के इन फैसलों का सीधा असर रियल एस्टेट सेक्टर पर पड़ेगा। महिलाओं और सैनिक परिवारों के बीच संपत्ति खरीदने की रुचि बढ़ सकती है, जिससे रजिस्ट्री की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है। इसके अलावा बाजार में निवेश और नकदी प्रवाह भी बढ़ सकता है।
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यह संशोधन Registration Act 1908 की धारा 78 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए किया गया है। अधिसूचना के अनुसार रजिस्ट्रीकरण शुल्क की सारणी के विभिन्न प्रावधानों में संशोधन कर महिलाओं के पक्ष में निष्पादित संपत्ति अंतरण संबंधी दस्तावेजों पर प्रभार्य शुल्क में 50 प्रतिशत की कमी की गई है।

