हाई कोर्ट का बड़ा फैसला : अपने केस में खुद बने वकील, शिक्षक की दलीलों पर कोर्ट ने दी राहत

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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ पीएम श्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय मस्तूरी के हिंदी के लेक्चरर की याचिका को कोर्ट ने राहत दी है। हाई कोर्ट ने डीईओ बिलासपुर व स्कूल के प्रिंसिपल को नोटिस जारी कर याचिकाकर्ता शिक्षक के प्रकरण में तीन सप्ताह के भीतर निर्णय करने का निर्देश दिया है। याचिकाकर्ता शिक्षक ने व्याज सहित लंबित वेतन का भुगतान की मांग करते हुए रिट याचिका दायर की है।

याचिकाकर्ता संजय कुमार पांडेय ने अपने मामले की पैरवी स्वयं की। उसने कहा, वह व्याख्याता (हिंदी) के पद पर कार्यरत है। उसने अपने चाचा के अंतिम संस्कार के लिए 22 जनवरी 2025 से 03 फरवरी 2025 तक की अवधि के लिए विद्यालय के प्रधानाचार्य को अवकाश के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। उसे को 04 फरवरी 2025 को कार्यभार ग्रहण करना था। हालांकि, अस्वस्थता के कारण वह कार्यभार ग्रहण नहीं कर सका और उसने निर्धारित प्रारूप में आवेदन और प्रमाण पत्र पंजीकृत डाक, स्पीड पोस्ट के माध्यम से प्रधानाचार्य को भेज दिए। इसके बाद उसने चिकित्सा प्रमाण पत्र और फिटनेस प्रमाण पत्र सहित सभी संबंधित दस्तावेज प्रधानाचार्य को स्वयं प्रस्तुत किए, लेकिन आज तक उसके द्वारा चिकित्सा अवकाश के लिए प्रस्तुत आवेदन पर कोई विचार नहीं किया गया है और उसे फरवरी, मार्च और अप्रैल 2025 के महीनों का वेतन नहीं दिया गया है।

राज्य सरकार की ओर से पैरवी करते हुए शासकीय अधिवक्ता ने कहा, याचिकाकर्ता द्वारा प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत आवेदन याचिकाकर्ता के अनुसार अभी भी विचाराधीन है, इसलिए यदि यह लंबित है तो इस पर कानून के अनुसार विचार किया जाएगा।

रिट याचिका की सुनवाई जस्टिस पीपी साहू के सिंगल बेंच में हुई। कोर्ट ने अपने फैसले में लिखा है,याचिकाकर्ता की शिकायत यह है, वह अस्वस्थ हो गया था और समय पर सेवा में शामिल नहीं हो सका, जिसके लिए उसने निर्धारित प्रारूप में चिकित्सा अवकाश के लिए आवेदन और आवश्यक प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए थे, लेकिन उन पर विचार नहीं किया गया है। किसी भी कर्मचारी द्वारा प्रस्तुत आवेदन पर वस्तुनिष्ठ रूप से विचार करना और आवेदन में दिए गए कारणों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना प्राधिकारी का दायित्व है। कोर्ट ने डीईओ बिलासपुर व प्रधानाचार्य, श्री स्वामी आत्मानंद विश्वविद्यालय, अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, मस्तूरी को नोटिस जारी कर याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत चिकित्सा अवकाश आवेदन पर निर्णय लेने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएं और कानून के अनुसार शीघ्रता से, अधिमानतः इस आदेश की प्रति प्राप्त होने की तिथि से 3 सप्ताह के भीतर आदेश पारित करें।

कोर्ट ने कहा, यदि याचिकाकर्ता की छुट्टी देने की अर्जी स्वीकार कर ली जाती है, तो उसके बाद याचिकाकर्ता को देय राशि के भुगतान के लिए शीघ्रता से आगे की कार्रवाई की जाए।

प्राचार्य पीएम श्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय मस्तूरी को रोके गये तीन माह का वेतन भुगतान की तिथि तक ब्याज सहित देने का आदेश दिया जाये।

याचिकाकर्ता ने अपनी रिट याचिका में कहा है, इस प्रकरण में समय श्रम, धन की क्षति हो रही है, अतः मुझे क्षतिपूर्ति हेतु उचित राशि दिये जाने का आदेश दिया जाये। उत्तरवादियों के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाही करने हेतु निर्देशित किया जाए।

याचिकाकर्ता ने इनको बनाया प्रमुख पक्षकार

– छत्तीसगढ़ राज्य, विद्यालय शिक्षा विभाग।

– निदेशक मंडल, लोक शिक्षा निदेशालय, इंद्रावती भवन, अटल नगर, नवा, रायपुर, जिला रायपुर, छत्तीसगढ़।

– जिला शिक्षा अधिकारी, बिलासपुर जिला, बिलासपुर छत्तीसगढ़।

– प्रधानाचार्य, श्री स्वामी आत्मानंद विश्वविद्यालय, अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, मस्तूरी, बिलासपुर जिला, बिलासपुर, छत्तीसगढ़।

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