
रायपुर । छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा बालोद जिले के ग्राम भिरई (गुरूर) शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य पुरूषोत्तम कुमार साहू के निलंबन आदेश को निरस्त किए जाने के फैसले का पुरजोर स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के इस निर्णय से एक बार फिर यह साबित हो गया है कि प्रशासनिक व्यवस्था में नियम और अधिकार क्षेत्र सर्वोपरि हैं।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान, वाजिद खान, प्रदेश उपाध्यक्ष देवनाथ साहू, बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, शैलेन्द्र यदु, कोमल वैष्णव, मुकेश मुदलियार, प्रदेश सचिव मनोज सनाढ्य, प्रदेश कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र परिक ने कहा कि कलेक्टर बालोद द्वारा दिनांक 7 मई 2026 को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर क्लास-II राजपत्रित अधिकारी (प्राचार्य) को निलंबित करने का आदेश जारी किया गया था। नियमतः कलेक्टर को क्लास-II राजपत्रित अधिकारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करने का वैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं है। इस एकतरफा और नियम विरुद्ध कार्रवाई के खिलाफ पीड़ित प्राचार्य ने उच्च न्यायालय की शरण ली थी।
माननीय न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए माननीय न्यायमूर्ति श्री बिभु दत्त गुरु की एकलपीठ ने स्पष्ट किया कि यह स्थापित कानूनी सिद्धांत है कि कलेक्टर किसी क्लास-II राजपत्रित शासकीय सेवक के विरुद्ध निलंबन का आदेश पारित नहीं कर सकते। इस आधार पर हाईकोर्ट ने कलेक्टर बालोद द्वारा जारी निलंबन आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।

