
दुर्ग। शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत विद्यार्थियों में कौशल विकास एवं दक्षता में वृध्दि के उद्देश्य से स्थापित स्वालंबन केन्द्र की स्थापना की गयी है। आज इस केन्द्र की गतिविधियों के अंतर्गत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह के मार्गदर्शन में एक निर्माण सह-विक्रय प्रदर्शिनी का आयोजन किया गया। इसमें महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। प्राचार्य, डॉ. अजय कुमार सिंह ने स्वालंबन केन्द्र की स्थापना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यार्थियों में अनेक प्रतिभाएं छुपी होती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में इन्हीं प्रतिभाओं को उभारने के संकल्प को समावेशित किया गया है। महाविद्यालय की स्वशासी परीक्षा प्रकोष्ठ नियंत्रक, डॉ. जगजीत कौर सलूजा ने इस स्वालंबन केन्द्र को छोटे-छोटे स्टार्ट-अप की तरह आयोजित करने पर बल देते हुए कहा कि विद्यार्थियों द्वारा निर्मित सामाग्री कम दाम पर विक्रय के लिए उपलब्ध हो सकती है। रक्षाबंधन के अलावा आगामी आने वाले अनेक पर्वो दशहरा, दिवाली, जन्माष्टमी, गणेश पर्व आदि में उपयोग में आने वाली छोटी-छोटी सामाग्री के निर्माण द्वारा विद्यार्थी बड़ी राशि कमा सकते है।
महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. प्रशांत कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि विद्यार्थियों ने पौधों की अच्छी तरह से देखभाल एवं वृध्दि होने हेतु माइकोबायलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. प्रज्ञा कुलकर्णी तथा सहायक प्राध्यापक डॉ. रेखा गुप्ता के मार्गदर्शन में स्नातकोत्तर विद्यार्थियों नेहा तिवारी, आर्यन साहू, शिवराम तथा हर्ष साहू ने महत्वपूर्ण जैविक खाद तथा रसायन तैयार किए है। अत्यंत न्यूनतम दाम पर विक्रय हेतु उपलब्ध इनके प्रयोग से पौधों में उल्लेखनीय वृध्दि होती है। महाविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के विद्यार्थी दुष्यंत निर्मलकर एवं साथियों द्वारा छत्तीसगढ़ के विभिन्न जनजातियों द्वारा उपयोग में लाये जाने वाले आभूषणों को तैयार किया गया है। यह लोक संस्कृति को बढ़ावा देने में सहायक होगा। महाविद्यालय के हिन्दी विभाग की स्नातकोत्तर छात्रा प्रियंका विश्वकर्मा तथा राजनीति विज्ञान की एमए. तृतीय सेमेस्टर की छात्रा भावना देशमुख ने घरों में सजाने हेतु प्रयोग में लायी जाने वाली सामाग्री तथा रक्षाबंधन से संबंधित राखी का निर्माण कर उसे न्यूनतम दाम पर विक्रय हेतु प्रदर्शनी में स्टॉल लगाया है। आज स्वालंबन केन्द्र द्वारा निर्मित इन वस्तुओं की प्रदर्शिनी में वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ अनिल कुमार पाण्डेय, डॉ. एस.डी. देशमुख, डॉ. राकेश तिवारी, डॉ. मीना मान, डॉ. अम्बरीश त्रिपाठी, डॉ. ज्योति धारकर, डॉ. अनुपमा कश्यप, डॉ. मर्सी जॉर्ज सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापक उपस्थित थे।
