
रायपुर। राजधानी रायपुर के माना थाना क्षेत्र स्थित ब्लू वाटर खदान में दोस्तों के साथ तैरने की शर्त लगाना 24 वर्षीय आदिल खान को भारी पड़ गया। खदान में डूबे युवक को 36 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी SDRF की टीम उसका पता नहीं लगा सकी है। टीम लगातार गहरे पानी में सर्चिंग अभियान चला रही है।
जानकारी के अनुसार मौदहापारा निवासी आदिल खान बुधवार को अपने तीन दोस्तों के साथ ब्लू वाटर खदान घूमने पहुंचा था। इसी दौरान दोस्तों के बीच खदान के एक छोर से दूसरे छोर तक तैरकर जाने की शर्त लगी। इसके बाद आदिल और उसका एक दोस्त पानी में उतर गए। दोस्त तो तैरकर बाहर निकल आया, लेकिन आदिल गहरे पानी में चला गया और डूब गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक पानी में डूबता दिखाई दे रहा है।

कुछ समय बाद आदिल खान डूब गया, जबकि एक दोस्त ने तैरकर अपनी जान बचा ली।
गहरे पानी के कारण रेस्क्यू में परेशानी
आदिल के डूबने की सूचना उसके दोस्तों ने पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और SDRF को जानकारी दी। अंधेरा होने और खदान में पानी की अधिक गहराई के कारण रात में सर्च अभियान शुरू नहीं हो सका। गुरुवार सुबह SDRF की टीम ने तलाश शुरू की, लेकिन लगातार प्रयास के बावजूद अब तक युवक का सुराग नहीं मिल पाया है।
9 साल में 9 लोगों की मौत
ब्लू वाटर खदान में डूबने की यह पहली घटना नहीं है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 से अब तक यहां डूबने की 9 घटनाओं में लोगों की मौत हो चुकी है। आदिल का शव बरामद होने पर यह आंकड़ा 10 तक पहुंच जाएगा।
31 अक्टूबर 2025 को भी यहां दो बच्चों की डूबने से मौत हुई थी। दोनों बच्चे स्कूल बंक कर खदान पहुंचे थे। इसके अलावा वर्ष 2017 में 17 वर्षीय सुनैना, मई 2019 में 17 वर्षीय मोहन बाघ और वर्ष 2023 में भी कई लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
बारिश के मौसम में खदान पानी से भर जाती है और इसका क्षेत्र तालाब जैसा दिखाई देता है। पानी का नीला और साफ नजर आने के कारण लोग इसे देखने और नहाने के लिए पहुंचते हैं। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद खतरनाक हिस्सों में पर्याप्त घेराबंदी और सुरक्षा इंतजाम नहीं होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
प्रशासन और पुलिस की ओर से लोगों से अपील की जाती रही है कि ऐसी खदानों और गहरे जलस्रोतों में न उतरें। महज मनोरंजन या शर्त के लिए गहरे पानी में जाना जानलेवा साबित हो सकता है।

