पांडातराई क्षेत्र के ग्राम सोंढा में हड़कंप, पुलिस और फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी
कवर्धा, 30 मई 2026। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के पांडातराई थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सोंढा में एक युवक का क्षत-विक्षत शव बोरी में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि युवक की हत्या करने के बाद शव को कई टुकड़ों में काटकर बोरी में भरकर खेत में फेंक दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
दुर्गंध आने पर ग्रामीणों ने दी सूचना
जानकारी के अनुसार गांव के लोगों को खेत की ओर से कई दिनों से तेज दुर्गंध आ रही थी। बदबू बढ़ने पर ग्रामीणों को संदेह हुआ और उन्होंने इसकी सूचना पांडातराई थाना पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और खेत में पड़ी एक संदिग्ध बोरी की जांच की।
बोरी खोलते ही सामने आया खौफनाक मंजर
पुलिस ने जब बोरी को खोला तो उसके अंदर एक युवक का क्षत-विक्षत शव मिला। शव को कई हिस्सों में काटा गया था। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों के भी होश उड़ गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों और फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया।
मृतक की पहचान कोमल वर्मा के रूप में
पुलिस जांच में मृतक की पहचान बैहरसरी निवासी कोमल वर्मा के रूप में हुई है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं, जिनके आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
हत्या के कारणों और आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस मृतक की गतिविधियों, संपर्कों और हाल के दिनों की जानकारी जुटा रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि हत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने और आरोपियों की पहचान के लिए विभिन्न पहलुओं पर जांच की जा रही है।
क्षेत्र में दहशत का माहौल
इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और चर्चा का माहौल है। ग्रामीणों में घटना को लेकर भय और आक्रोश देखा जा रहा है। पुलिस का दावा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
दुर्गंध से खुला हत्याकांड का राज
ग्रामीणों के अनुसार खेत से लगातार आ रही दुर्गंध ने इस खौफनाक हत्याकांड का खुलासा किया। यदि समय रहते सूचना नहीं दी जाती तो शव की पहचान और मामले की जांच और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती थी। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।



