नायब तहसीलदार-विधायक विवाद: नायब तहसीलदार ने की अपनी व विधायक की नार्को टेस्ट की मांग, विधायक बोले, हम हैं तैयार

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अंबिकापुर/रायपुर 1 जून 2026। सीतापुर में नायब तहसीलदार और विधायक के बीच हुए कथित विवाद का मामला अब प्रदेशव्यापी मुद्दा बनता जा रहा है। घटना के विरोध में छत्तीसगढ़ के तहसीलदार और नायब तहसीलदार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। वहीं विवाद के केंद्र में रहे नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने मामले में बड़ा बयान देते हुए स्वयं और विधायक रामकुमार टोप्पो का नार्को टेस्ट कराने की मांग की है।
अंबिकापुर में मीडिया से चर्चा के दौरान तुषार मानिक ने कहा कि मामले में लगाए गए आरोपों की सच्चाई सामने लाने के लिए उनका और विधायक का नार्को टेस्ट कराया जाए। उन्होंने कहा कि यह परीक्षण मीडिया की मौजूदगी में होना चाहिए ताकि पूरे प्रदेश के सामने सच आ सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक मामले में उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

दूसरी ओर भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो ने भी नार्को टेस्ट और अन्य सभी जांचों में सहयोग करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी भी जांच से कोई आपत्ति नहीं है और वे पूरी तरह सहयोग करने के लिए तैयार हैं।
इधर इस विवाद के विरोध में प्रदेशभर के तहसीलदार और एसडीएम हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल के कारण कई जिलों में एसडीएम और तहसील कार्यालयों का कामकाज प्रभावित हुआ है। राजस्व संबंधी अनेक कार्य लंबित होने लगे हैं, जिससे आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मामले को लेकर रायपुर में तहसीलदार संघ के प्रतिनिधिमंडल ने राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा के निवास पहुंचकर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल की राजस्व विभाग की सचिव शम्मी आबिदी के साथ भी बैठक हुई, जिसमें अधिकारियों की मांगों और पूरे घटनाक्रम पर चर्चा की गई।
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि सीतापुर की घटना को लेकर सचिव स्तर पर बातचीत चल रही है और जल्द ही इसका समाधान निकाल लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार सभी पक्षों के साथ न्याय करेगी और शासन की योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचता रहेगा।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी तहसीलदार संघ से सीधे बातचीत नहीं हुई है, लेकिन सचिव स्तर पर लगातार संवाद जारी है और सकारात्मक परिणाम निकलने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ कथित मारपीट के आरोपों के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में भारी नाराजगी है। यही वजह है कि तहसीलदार और एसडीएम संघ ने आंदोलन का रास्ता अपनाया है। अब पूरे मामले में पुलिस जांच, सरकार के रुख और संभावित कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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