दुर्ग-भिलाई |
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में रिश्वत मांगने के आरोपों के बीच पुलिस विभाग में बड़ी कार्रवाई की गई है। एक महिला को ड्रग्स मामले में गिरफ्तार कर छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में दो सब इंस्पेक्टर (SI) को निलंबित कर दिया गया है। मामला सामने आने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने दोनों अधिकारियों को रक्षित केंद्र दुर्ग अटैच कर दिया है।
ऑडियो वायरल होने के बाद कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, पुरानी भिलाई थाना में पदस्थ SI तुलसीराम साहू और खुर्सीपार थाना में पदस्थ SI देव लाल साहू पर आरोपी पक्ष से पैसों की मांग करने का आरोप लगा है। सोशल मीडिया पर दोनों से जुड़ा कथित ऑडियो वायरल होने के बाद विभागीय जांच शुरू की गई। प्रारंभिक जांच में दोनों अधिकारियों की कथित संलिप्तता पाए जाने पर निलंबन की कार्रवाई की गई।
महिला ने लगाए गंभीर आरोप
मामले में गिरफ्तार महिला रज्जी कौर की बेटी जसबीर कौर ने आरोप लगाया है कि उसकी मां को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किए जाने के बाद मामले को हल्का करने और राहत देने के नाम पर 50 हजार रुपये की मांग की गई। उसने दावा किया कि पहले 5 हजार रुपये दिए जा चुके थे और शेष राशि देने का दबाव बनाया जा रहा था।
जसबीर ने यह भी आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान कुछ रकम वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने की बात कही गई थी। उसने पूरे मामले की रिकॉर्डिंग अपने पास सुरक्षित होने का दावा किया है।
साइबर क्राइम टीम पर भी आरोप
महिला ने आरोप लगाया कि साइबर क्राइम शाखा से जुड़े कुछ अधिकारियों ने भी उससे 2 लाख रुपये की मांग की थी। हालांकि इस संबंध में अभी तक पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
वायरल ऑडियो में क्या सामने आया?
वायरल ऑडियो में कथित रूप से SI तुलसीराम साहू और महिला के बीच पैसों के लेन-देन तथा केस में राहत दिलाने को लेकर बातचीत सुनाई दे रही है। एक अन्य ऑडियो में महिला पुलिसकर्मियों पर केवल पैसे मांगने और ड्रग्स की मात्रा बढ़ाकर केस बनाने का आरोप लगाती सुनाई दे रही है।
निष्पक्ष जांच की मांग
जसबीर कौर ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित स्थानों के सीसीटीवी फुटेज की जांच करने तथा सभी जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल करने की मांग की है। उसने यह भी कहा कि मामले से जुड़े दस्तावेज और मोबाइल संबंधी जानकारियां उसके पास मौजूद हैं।
तीन दिन में मांगी गई रिपोर्ट
दुर्ग पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए छावनी नगर पुलिस अधीक्षक को तीन दिनों के भीतर प्रारंभिक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस विभाग की छवि पर सवाल
इस घटना ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
(नोट: मामले की जांच जारी है। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।)

