हेमचंद यादव विश्वविद्यालय का बड़ा फैसला: 9 विद्यार्थियों की पूरी परीक्षा रद्द, 28 को मिली क्लीन चिट

Spread the love

दुर्ग, 30 मई 2026। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय ने दिसंबर-जनवरी 2025-26 में आयोजित राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) सेमेस्टर परीक्षाओं में नकल एवं अनुचित साधनों के उपयोग से जुड़े मामलों पर अंतिम निर्णय जारी कर दिया है। विश्वविद्यालय की अनुचित साधन निराकरण समिति द्वारा जांच पूरी करने के बाद शुक्रवार को परिणाम घोषित किए गए।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, समिति के समक्ष कुल 43 मामलों की सुनवाई हुई थी। जांच के बाद 28 विद्यार्थियों को श्रेणी-ए (नो पनिशमेंट) में रखा गया है। इन छात्रों पर लगाए गए आरोप प्रमाणित नहीं हो सके, जिसके चलते उन्हें राहत प्रदान की गई है।

वहीं, 9 विद्यार्थियों को श्रेणी-सी में रखा गया है। इन छात्रों पर नकल या अनुचित साधन का उपयोग सिद्ध होने के बाद उनकी पूरी सेमेस्टर परीक्षा निरस्त कर दी गई है। अब उन्हें संबंधित परीक्षा दोबारा देनी होगी।

इसके अलावा 6 विद्यार्थियों को श्रेणी-बी में रखा गया है। इनके केवल संबंधित विषय का प्रश्नपत्र निरस्त किया गया है, जबकि अन्य विषयों के परिणाम वैध रहेंगे। संबंधित विषय में विद्यार्थियों को एटीकेटी (ATKT) प्रदान की गई है।

यह कार्रवाई बीकॉम, बीसीए और बीबीए प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर के छात्रों से संबंधित है। इनमें भिलाई, दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम (कवर्धा), बालोद और बेमेतरा जिले के सरकारी एवं निजी महाविद्यालयों के विद्यार्थी शामिल हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षाओं की निष्पक्षता और अनुशासन बनाए रखने के लिए भविष्य में भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है।

प्रमुख बिंदु

  • कुल 43 मामलों की हुई सुनवाई
  • 28 विद्यार्थियों को मिली क्लीन चिट
  • 9 छात्रों की पूरी सेमेस्टर परीक्षा निरस्त
  • 6 विद्यार्थियों को संबंधित विषय में एटीकेटी
  • बीकॉम, बीसीए और बीबीए के छात्रों पर हुई कार्रवाई
  • दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव, कवर्धा, बालोद और बेमेतरा के विद्यार्थी प्रभावित

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

× How can I help you?