
दुर्ग 4 जून 2026। दुनिया के सबसे खतरनाक वायरसों में गिने जाने वाले इबोला वायरस को लेकर दुर्ग जिले में सतर्कता बढ़ा दी गई है। कांगो, इथोपिया और युगांडा से आए तीन संदिग्ध व्यक्तियों के दुर्ग पहुंचने की सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है।
दुर्ग कलेक्टर Abhijeet Singh ने तीनों संदिग्धों के जिले में पहुंचने की पुष्टि करते हुए बताया कि केंद्रीय एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर आवश्यक निगरानी और सुरक्षा उपाय शुरू कर दिए गए हैं।
केंद्रीय एजेंसी से मिला अलर्ट
जानकारी के अनुसार, इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (IDSP) की ओर से स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई थी कि इबोला प्रभावित या संवेदनशील देशों से यात्रा कर तीन लोग दुर्ग पहुंचे हैं। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने उनकी पहचान और लोकेशन का पता लगाने की प्रक्रिया शुरू की।
होम आइसोलेशन में रखने की तैयारी
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि तीनों संदिग्धों को निगरानी में रखा जा रहा है। एहतियात के तौर पर उन्हें होम आइसोलेशन में रखने और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की कार्रवाई शुरू की गई है। फिलहाल किसी में इबोला संक्रमण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मुंबई होते हुए पहुंचे दुर्ग
केंद्र सरकार से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, तीनों व्यक्ति अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से यात्रा कर मुंबई पहुंचे और वहां से दुर्ग आए हैं। इसी वजह से स्वास्थ्य विभाग विशेष सतर्कता बरत रहा है।
घबराने नहीं, सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल संदिग्ध मामलों की निगरानी है और अभी किसी व्यक्ति में इबोला संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए केवल अधिकृत स्रोतों पर भरोसा करने की अपील की है।
क्या है इबोला वायरस?
इबोला एक गंभीर और जानलेवा वायरल बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति या संक्रमित शारीरिक द्रवों के संपर्क में आने से फैल सकती है। समय पर पहचान और आइसोलेशन इसके नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

