कॉस्मिक किरणें हैं ब्रह्मांड की संदेशवाहक, IIT भिलाई के प्रोफेसर ने विद्यार्थियों को समझाया अंतरिक्ष का रहस्य

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तामस्कर कॉलेज में फिजिक्स सोसायटी का भव्य उद्घाटन, मल्टी-मैसेंजर एस्ट्रोफिजिक्स से लेकर हाई एंट्रॉपी ऑक्साइड्स तक हुई वैज्ञानिक चर्चा

दुर्ग। शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग के भौतिकी विभाग में फिजिक्स सोसायटी का उद्घाटन समारोह ज्ञानवर्धक वैज्ञानिक व्याख्यान, विभागीय उपलब्धियों और विद्यार्थियों के लिए शोध एवं इंटर्नशिप के अवसरों के साथ उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के भौतिकी विभाग के प्रोफेसर डॉ. सुधानवा पात्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

डॉ. सुधानवा पात्रा ने “मल्टी-मैसेंजर एस्ट्रोफिजिक्स का सफर: प्रकाश, न्यूट्रिनो, कॉस्मिक किरणों और गुरुत्वाकर्षण तरंगों के जरिए ब्रह्मांड को सुनना” विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने आधुनिक खगोल भौतिकी की नई अवधारणाओं को सरल वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाते हुए बताया कि ब्रह्मांड अपने भीतर अनगिनत रहस्य समेटे हुए है और इन रहस्यों को समझने में कॉस्मिक किरणें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

उन्होंने कहा कि कॉस्मिक किरणें केवल अंतरिक्ष से पृथ्वी तक पहुंचने वाले अदृश्य कण नहीं हैं, बल्कि वे ब्रह्मांड की अत्यधिक ऊर्जा वाली घटनाओं की जानकारी वैज्ञानिकों तक पहुंचाने वाली संदेशवाहक हैं। अंतरिक्ष की गहराइयों से लंबी यात्रा कर पृथ्वी तक पहुंचने वाले ये कण ब्रह्मांड की चरम घटनाओं और उसके विकास से जुड़े महत्वपूर्ण संकेत अपने साथ लेकर आते हैं।

डॉ. पात्रा ने बताया कि कॉस्मिक किरणों का अध्ययन वैज्ञानिकों को उन प्राकृतिक प्रयोगशालाओं की जानकारी देता है, जहां ऐसी अत्यधिक ऊर्जा वाली भौतिक प्रक्रियाएं होती हैं, जिनका अध्ययन पृथ्वी पर उपलब्ध प्रयोगशालाओं में संभव नहीं है। उन्होंने प्रकाश, न्यूट्रिनो, कॉस्मिक किरणों और गुरुत्वाकर्षण तरंगों को ब्रह्मांड को समझने के आधुनिक वैज्ञानिक माध्यमों के रूप में रेखांकित किया।

वार्षिक प्रतिवेदन में सामने आईं विभाग की उपलब्धियां

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों एवं विशिष्टजनों के स्वागत के साथ हुई। स्वागत स्वरूप अतिथियों को पौधे भेंट किए गए, जो पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास का संदेश देते हैं। इसके बाद डॉ. अनीता शुक्ला ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

प्रतिवेदन में भौतिकी विभाग की शैक्षणिक, शोध एवं अकादमिक उपलब्धियों की जानकारी दी गई। विभाग के 8 विद्यार्थियों ने NET एवं SET परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की, जबकि 2 विद्यार्थियों ने CGPSC परीक्षा उत्तीर्ण की। वहीं, 2 विद्यार्थियों को Ph.D. की उपाधि प्रदान की गई और 4 विद्यार्थियों ने अपनी Ph.D. थीसिस जमा की।

विभाग के शोध कार्यों में भी उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज हुई और 12 शोध-पत्र प्रकाशित किए गए। विभागाध्यक्ष डॉ. जगजीत कौर सलूजा को हेमचंद यादव विश्वविद्यालय द्वारा Best Teacher Award से सम्मानित किया गया। IISc बेंगलुरु में आयोजित टीचर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम में डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा एवं डॉ. कुसुमांजली देशमुख को Best Participant Award मिला। वहीं भौतिकी विभाग की छात्रा उपासना दिल्लीवार को तामस्कर गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया।

विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ रिसर्च पर जोर

भौतिकी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. जगजीत कौर सलूजा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें विभाग एवं महाविद्यालय का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि भौतिकी जैसे विषय में सैद्धांतिक ज्ञान के साथ प्रायोगिक ज्ञान भी बेहद महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को नियमित रूप से प्रयोगशाला गतिविधियों और शोध कार्यों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह ने भौतिकी विभाग की उपलब्धियों की सराहना करते हुए विभाग को महाविद्यालय का उत्कृष्ट विभाग बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को विज्ञान के क्षेत्र में नई संभावनाओं की खोज करने और निरंतर शोध के लिए प्रेरित किया।

हाई एंट्रॉपी ऑक्साइड्स पर भी हुआ व्याख्यान

उद्घाटन सत्र के बाद आईआईटी भिलाई के मैटेरियल साइंस एवं धातुकर्म अभियांत्रिकी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. आशुतोष कुमार ने “हाई एंट्रॉपी ऑक्साइड्स, एंट्रॉपी-स्टेबलाइज्ड फेजेज और उनके उभरते हुए गुण” विषय पर व्याख्यान दिया।

उन्होंने विद्यार्थियों को आधुनिक पदार्थ विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में हाई एंट्रॉपी ऑक्साइड्स की उपयोगिता तथा उनके उभरते गुणों की जानकारी दी। इस दौरान विद्यार्थियों ने आधुनिक विज्ञान एवं अनुसंधान से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझा।

IIT भिलाई में एकेडमिक विजिट और समर इंटर्नशिप का अवसर

कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में विद्यार्थियों के लिए आईआईटी भिलाई में शैक्षणिक एवं शोध संबंधी अवसरों की जानकारी दिया जाना रहा। दोनों विशेषज्ञों ने एमएससी प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए IIT भिलाई की एकेडमिक विजिट, समर इंटर्नशिप तथा उन्नत प्रयोगशालाओं में प्रायोगिक कार्य एवं प्रशिक्षण के अवसरों की जानकारी दी।

इससे विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शोध वातावरण में काम करने, आधुनिक प्रयोगशालाओं को देखने तथा अपने व्यावहारिक एवं अनुसंधानात्मक ज्ञान को विकसित करने का अवसर मिलेगा।

फिजिक्स सोसायटी में विद्यार्थियों को मिली जिम्मेदारी

समारोह के दौरान फिजिक्स सोसायटी का औपचारिक गठन एवं उद्घाटन किया गया। एमएससी तृतीय सेमेस्टर के छात्र साहिल कुमार को प्रेसिडेंट, एमएससी प्रथम सेमेस्टर के छात्र अनूप रॉय को वाइस प्रेसिडेंट, बीएससी पंचम सेमेस्टर के छात्र सिद्धार्थ साहू को सेक्रेटरी तथा बीएससी तृतीय सेमेस्टर के छात्र जागेश्वर साहू को ज्वाइंट सेक्रेटरी चुना गया।

इसके बाद विद्यार्थियों ने भौतिकी विभाग की एक वर्ष की दृश्यात्मक यात्रा प्रस्तुत की। इसमें वर्षभर आयोजित विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों, कार्यक्रमों और विभाग की उपलब्धियों को चित्रों एवं प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।

कार्यक्रम का संचालन एमएससी तृतीय सेमेस्टर की छात्रा निहारिका गुप्ता एवं एमएससी प्रथम सेमेस्टर की छात्रा धान्वी देवांगन ने किया। अंत में एमएससी तृतीय सेमेस्टर की छात्रा चित्रकला साहू ने अतिथियों, प्राचार्य, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में भौतिकी विभाग के प्राध्यापक डॉ. अनीता शुक्ला, डॉ. सीतेश्वरी चंद्राकर, डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा, डॉ. कुसुमांजली देशमुख, डॉ. ममता परगनिहा, डॉ. बृजलता शर्मा एवं डॉ. दुर्गा वर्मा सहित एमएससी प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थी उपस्थित रहे। दोनों मुख्य अतिथियों को प्राचार्य एवं विभागाध्यक्ष द्वारा स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके बाद सामूहिक फोटो सेशन के साथ फिजिक्स सोसायटी का उद्घाटन समारोह संपन्न हुआ।

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