साईंस कालेज, दुर्ग में रंगारंग जनजातीय नृत्य प्रतियोगिता आयोजित

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दुर्ग।आदिवासी सांस्कृतिक धरोधर के संरक्षण हम सभी के लिए अत्यंत आवश्यक है। जनजातीय गौरव दिवस के माध्यम से हम सभी जनजातीय कला, भाषा, परंपरा एवं संस्कृति को संरक्षित कर उसे बढ़ावा देने का प्रयत्न करते है। ये उद्‌गार शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग के प्रभारी प्राचार्य, डॉ अभिनेष सुराना ने आज व्यक्त किये। डॉ. सुराना साईंस कालेज के वीर नारायण सिंह आडिटोरियम में आयोजित जनजातीय नृत्य प्रतियोगिता में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। डॉ. सुराना ने बताया कि संथाल, ओराव, मुंडा, खांसी तथा हल्बा, मुरिया, बिरहोर आदि जनजातीय समुदाय ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उपनिवेश विरोधी आंदोलन का नेतृत्व करते हुए उल्लेखनीय साहस एवं बलिदान का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के संयोजक एवं वनस्पति शास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. जी.एस. ठाकुर ने कहा कि महाविद्यालय में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को जनजातीय समाज के सांस्कृतिक धरोहर एवं गौरवशाली विरासत से परिचित कराना है। कार्यक्रम की संचालक इतिहास विभाग की डॉ. ज्योति धारकर ने जनजातीयों के महत्व एवं उनके योगदान पर प्रकाश डाला। आज आयोजित कार्यकम की संयोजक डॉ. के. प‌द्मावती ने बताया कि इस प्रतियोगिता के अलावा महाविद्यालय में जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में रंगोली एवं निबंध प्रतियोगिता भी आयोजित की गयी थी। सभी प्रतियोगिताओं ने विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। 17 नवम्बर को महाविद्यालय में जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में भव्य कार्यकम आयोजित किया जायेगा। कार्यकम के दौरान महाविद्यालय के जनजातीय वर्ग के एम.एस.सी. जियोलॉजी के भूतपूर्व विद्यार्थी पुकेश कुमार नाग को माइनिंग इंस्पेक्टर के पद पर चयनित होने के लिए प्राचार्य डॉ अभिनेष सुराना, डॉ. एस.डी. देशमुख, डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव, डॉ. के. प‌द्मावती, डॉ. ज्योति धारकर एवं डॉ. सीमा पंजवानी ने सम्मानित किया। विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित रंगारंग जनजातीय नृत्यों से प्रसन्न होकर अंग्रेजी की प्राध्यापक एवं एन.एस.एएस. की महिला विंग अधिकारी डॉ. मीना मान ने प्रतियोगी टीमों को 1000-1000 देने की घोषणा की। आज की प्रतियोगी के निर्णायक डॉ. मीना मान, डॉ. अलका मिश्रा एवं डॉ. तरलोचन कौर संधू थी। आज प्रस्तुत जनजातीय नृत्यों के प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थियों में ग्रुप 1 में भांगाषु, हर्ष, खिलेश तथा डोमेन्द, हुलषी, नंदिनी, उमेश्वरी तथा झरना शामिल थे। ग्रुप बी. में भामिनी, मोनिका, मानसुई तथा दीपिका शामिल थे। नृत्य के दौरान उपस्थित दर्शकों ने देर तक ताली बजाकर जनजातीय नृत्यों का आनंद लिया।

कार्यक्रम के दौरान प्रभारी प्राचार्य, डॉ अभिनेष सुराना ने हॉल में उपस्थित सभी लोगों का नशामुक्ति से संबंधित शपथ दिलायी, द्वीप प्रज्जवलन के साथ आरंभ हुई आज की नृत्य प्रतियोगिता के आयोजन में प्रमुख रूप से डॉ. अभिनेष सुराना, डॉ. एस.डी. देशमुख, डॉ. प्राची सिंह, डॉ. राकेश तिवारी, डॉ. जी.एस. ठाकुर, डॉ. दिव्या कुमुदिनी मिंज, डॉ. के. प‌द्मावती, डॉ. ज्योति धारकार, डॉ. मीना मान, डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव, डॉ. सीमा पंजवानी, डॉ प्रीति तन्ना टांक, डॉ अलका मिश्रा, डॉ. तरलोचन कौर संधू, डॉ. संजू सिन्हा, डॉ. मौसमी डे, डॉ. नीरू अग्रवाल, डॉ. तरूण साहू डॉ. प्रशांत दुबे, डॉ. निखिल देशलहरा, डॉ. गोविन्द गुप्ता, डा. मोतीराम साहू, डॉ. सतीष सेन, डॉ. श्रीराम कुंजाम, डॉ. प्रदीप श्री लक्ष्मेन्द्र कुलदीप आदि का उल्लेखनीय योगदान रहा।

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