कवर्धा में एक व्यापारी ने पत्नी और दो बच्चों के साथ कीटनाशक पीकर आत्महत्या की कोशिश की। सुसाइड नोट में एक कबाड़ी व्यापारी पर करोड़ों रुपये के लेन-देन और धमकी देने का आरोप लगाया गया है। सभी की हालत गंभीर है।

कवर्धा 16 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के कवर्धा शहर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक व्यापारी ने अपने पूरे परिवार के साथ कथित तौर पर सामूहिक आत्महत्या की कोशिश कर ली। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और व्यापारिक वर्ग में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, व्यापारी योगेश जैन ने अपनी पत्नी और दो मासूम बच्चों के साथ कीटनाशक पदार्थ का सेवन कर लिया। घटना के तुरंत बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने सभी को गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चारों की स्थिति नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनका इलाज कर रही है।
घटना के बाद जब घर की तलाशी ली गई तो वहां से तीन पेज का एक सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसने पूरे मामले को और भी गंभीर बना दिया है। सुसाइड नोट में एक कबाड़ी व्यापारी पर प्रताड़ना और आर्थिक शोषण के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस खुलासे के बाद शहर के व्यापारियों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
परिजनों के अनुसार, कबाड़ी व्यापारी समरुद्दिन खान ने वर्ष 2022 से करीब 5 करोड़ रुपये उधार लिए थे, जिन्हें अब तक वापस नहीं किया गया। आरोप है कि जब योगेश जैन ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। लगातार दबाव और आर्थिक संकट के चलते पीड़ित परिवार गहरे तनाव में आ गया था।
बताया जा रहा है कि कर्ज और मानसिक दबाव के कारण परिवार पूरी तरह टूट चुका था। इसी के चलते यह खौफनाक कदम उठाया गया। हालांकि, पुलिस अभी तक पीड़ितों का बयान दर्ज नहीं कर पाई है, क्योंकि उनकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।
छत्तीसगढ़ पुलिस ने सुसाइड नोट को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सुसाइड नोट में किए गए आरोप कितने सही हैं और पूरे मामले के पीछे की सच्चाई क्या है। साथ ही आरोपी की भूमिका और लेन-देन से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि व्यापारिक समुदाय में भी डर और नाराजगी का माहौल पैदा कर दिया है। लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।


