अनुसूचित जनजाति समाज की 16 सूत्रीय मांगों पर हुई उच्चस्तरीय बैठक, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन

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छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज द्वारा अनुसूचित जनजाति वर्ग की विभिन्न समस्याओं, अधिकारों एवं हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम 16 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा गया। समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में शामिल होकर विभिन्न विभागों से संबंधित मांगों पर विस्तार से चर्चा की तथा मांगों पर गंभीरता से विचार कर विभागवार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
बैठक में अनुसूचित क्षेत्रों में पेसा एक्ट 2022 के प्रभावी क्रियान्वयन, फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर लाभ प्राप्त करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई, आदिवासी छात्रों की छात्रवृत्ति हेतु आय सीमा समाप्त करने, अनुसूचित जनजाति सलाहकार परिषद में समाज के प्रतिनिधि को शामिल करने, भूमि अधिग्रहण एवं पुनर्वास में पारदर्शिता, खनिज पट्टों एवं खनन से संबंधित मामलों में आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा सहित अनेक महत्वपूर्ण विषय उठाए गए।
समाज ने अनुसूचित क्षेत्रों में रिक्त पदों की बैकलॉग भर्ती, आदिवासी विकास खंडों की घोषणा, ट्राइबल लैंड बैंक की स्थापना, स्थानीय भर्ती में आ रही बाधाओं को दूर करने, अनुसूचित जनजाति अधिकारियों-कर्मचारियों की समयबद्ध पदोन्नति तथा एनएमडीसी मुख्यालय को जगदलपुर में स्थापित करने जैसी मांगों को भी प्रमुखता से रखा।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अनुसूचित जनजाति समुदाय से जुड़े विषयों पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है, जिससे आदिवासी समाज को उनके संवैधानिक अधिकारों का पूरा लाभ मिल सके। बैठक में विभागवार प्रस्तुत मांगों पर सकारात्मक चर्चा हुई और संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया गया।
छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज ने मांग की है कि सभी 16 बिंदुओं पर समयबद्ध निर्णय लेकर आदिवासी समाज के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक विकास को सुनिश्चित किया जाए।
इस प्रतिनिधि मंडल में आरबी सिंह,बीएल ठाकुर,बीपीएस नेताम,जे.मिंज,जीएस धनंजय,भारत सिंह, सनमान सिंह ,शिशुपाल सोरी उपस्थित रहे ।यह जानकारी सर्व आदिवासी समाज के कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राय ने दी है ।

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