
भिलाई के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित श्री श्याम केमिकल फैक्ट्री में गुरुवार को भीषण आग लग गई। वेल्डिंग के दौरान निकली चिंगारी से शुरू हुई आग ने कुछ ही देर में फैक्ट्री परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। केमिकल से भरे 50 से ज्यादा ड्रम और दो टैंकर आग की चपेट में आकर जल गए। आग से उठता काला धुआं करीब 5 किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया।
घटना सुबह करीब 11 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, फैक्ट्री में वेल्डिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान निकली चिंगारी केमिकल के संपर्क में आ गई, जिससे आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और फैक्ट्री के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया।
केमिकल से भरे ड्रमों में लगातार होते रहे धमाके
फैक्ट्री के अंदर आग की लपटों के बीच लगातार धमाकों की आवाजें सुनाई देती रहीं। आशंका जताई गई कि गर्मी के कारण केमिकल से भरे ड्रम फट रहे हैं। इसके चलते दमकलकर्मियों के लिए फैक्ट्री के अंदर जाकर आग बुझाना चुनौतीपूर्ण हो गया।
आग में केमिकल भरने के लिए आए दो टैंकर भी जल गए। फैक्ट्री परिसर में रखे 50 से ज्यादा केमिकल ड्रम आग की चपेट में आने से आग लगातार भड़कती रही। आसपास की कंपनियों ने भी पानी उपलब्ध कराकर आग बुझाने में मदद की।
12 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर, फोम से बुझाई जा रही आग
आग की गंभीरता को देखते हुए भिलाई, बीएसपी, जिला प्रशासन और रायपुर से दमकल की टीमों को मौके पर बुलाया गया। करीब 12 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आग बुझाने में जुटी रहीं। केमिकल फैक्ट्री होने के कारण पानी के बजाय फोम का इस्तेमाल कर आग को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया।
SDRF की टीम भी मौके पर पहुंची और फोम की व्यवस्था कर आग बुझाने का काम शुरू किया। शाम तक SDRF ने करीब 70 प्रतिशत आग पर काबू पाने की जानकारी दी, हालांकि फैक्ट्री के अंदर से लपटें उठने के कारण पूरी तरह आग बुझाने की कोशिश जारी रही।
जेसीबी से बाहर निकाले गए आग की चपेट में आए ड्रम
आग बुझाने के दौरान जेसीबी की मदद से फैक्ट्री परिसर में रखे आग की चपेट में आए ड्रमों को बाहर निकाला गया। इसका उद्देश्य आग के फैलाव को नियंत्रित करना और दमकल टीमों को सुरक्षित तरीके से कार्रवाई करने में मदद करना था। CISF की टीम भी मौके पर पहुंची और आग बुझाने के लिए फोम की व्यवस्था में सहयोग किया।
फैक्ट्री में नेफ्थलीन की गोलियां बनाने का काम
श्री श्याम केमिकल फैक्ट्री में नेफ्थलीन का इस्तेमाल कर गोलियां बनाई जाती हैं। इन गोलियों का उपयोग आमतौर पर अलमारियों में कॉकरोच और अन्य कीड़ों से बचाव के लिए किया जाता है। फैक्ट्री के मालिक कमल सेन बताए गए हैं।
आग लगने के दौरान कुछ मजदूरों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई थी, हालांकि घायलों की संख्या और उनकी स्थिति की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल पुलिस, दमकल, SDRF और अन्य टीमें मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। आग पूरी तरह बुझने के बाद ही नुकसान का वास्तविक आकलन हो सकेगा।

