
रायपुर। न्यू स्वागत विहार कॉलोनी के पास 23 जुलाई को पानी भरी जमीन में झाड़ियों के पीछे मिले 35 वर्षीय महिला के शव की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। मामले में पुलिस ने डीके साहू नामक संदेही को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में संदेही ने महिला पर जबरदस्ती करने का प्रयास करने और विरोध करने पर गला दबाकर हत्या करने की बात स्वीकार की है। इसके बाद शव को पानी में फेंकने की जानकारी भी सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, महिला बोरियाकला की रहने वाली थी और पास की एक सोसायटी में खाना बनाने का काम करती थी। 23 जुलाई की सुबह करीब 8 बजे वह काम के लिए घर से निकली थी, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटी। इसी दौरान एक परिवार ने पानी भरी जमीन में महिला का शव देखा और पुलिस को सूचना दी।
पोस्टमार्टम में गला दबाने से मौत की पुष्टि
पुलिस के अनुसार, शव की स्थिति संदिग्ध थी और कपड़े अस्त-व्यस्त मिले थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की मौत गला दबाने से होने की पुष्टि हुई। रिपोर्ट में यौन हिंसा के प्रयास के संकेत भी सामने आए। इसके बाद पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ और पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जांच शुरू की।
महिला पर कई दिनों से नजर रखने का आरोप
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि संदेही कथित तौर पर महिला पर कई दिनों से नजर रख रहा था। 23 जुलाई को वह उसके आने-जाने वाले रास्ते के आसपास इंतजार कर रहा था। महिला के सुनसान रास्ते पर पहुंचने के बाद उसने कथित तौर पर उसका पीछा किया और उसे पकड़ लिया। विरोध करने तथा शोर मचाने के प्रयास के दौरान आरोपी ने उसका मुंह दबाया और झाड़ियों की ओर ले गया। पुलिस के अनुसार, वहीं गला दबाने से महिला की मौत हो गई।
पहले भी नाबालिग से जबरदस्ती का आरोप
पुलिस के मुताबिक, संदेही के खिलाफ पहले भी यौन अपराध का मामला सामने आ चुका है। नाबालिग रहते हुए एक लड़की से दुष्कर्म के मामले में उस पर POCSO एक्ट के तहत कार्रवाई हुई थी और उसे बाल गृह भेजा गया था। पुलिस का कहना है कि वह करीब 2024 के आसपास रिहा हुआ था।
पुलिस ने यह भी बताया कि महिला की हत्या की घटना से कुछ दिन पहले बोरियाकला क्षेत्र में एक 16 वर्षीय नाबालिग से जबरदस्ती की कोशिश का आरोप भी सामने आया था। आरोप है कि सुनसान रास्ते में संदेही ने नाबालिग को पीछे से पकड़कर जबरदस्ती करने की कोशिश की और विरोध करने पर उसे नाली में धकेल दिया। इस घटना में नाबालिग घायल हुई थी। इस मामले में थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी।
मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करता था, जांच में आई दिक्कत
पुलिस के अनुसार, संदेही मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता था। घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे थे। घटना के समय बारिश होने के कारण इलाके में आवाजाही कम थी। इन परिस्थितियों के चलते पुलिस को आरोपी तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
महिला के परिवार में दो बेटियां और एक बेटा हैं। पुलिस अब संदेही से पूछताछ के साथ उसके पुराने रिकॉर्ड और अन्य संभावित घटनाओं की भी जांच कर रही है। उसकी मानसिक स्थिति को समझने के लिए मनोवैज्ञानिक की मदद लेने की बात भी पुलिस ने कही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
