
धमतरी। करीब डेढ़ वर्ष पहले मामूली विवाद के बाद एक युवक की चाकू मारकर हत्या करने के मामले में धमतरी जिला न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने दोनों आरोपियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर 500-500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला धमतरी पुलिस की त्वरित विवेचना और अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए मजबूत साक्ष्यों के आधार पर आया।
जानकारी के अनुसार, 31 जनवरी 2025 की रात करीब 11 बजे शंकर ढीमर (24) अपने साथी रितेश पेंडरिया के साथ मराठापारा स्थित एक छठी कार्यक्रम से लौटकर मराठा मंगल भवन के पास पीपल के पेड़ के नीचे बैठा था। इसी दौरान मोनू उर्फ कुई ध्रुव और जन्मदेव सोरी वहां पहुंचे और पुरानी रंजिश को लेकर विवाद शुरू हो गया।
देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों आरोपियों ने चाकू से शंकर के सीने, पेट और जांघ पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल शंकर को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि घटना से दो-तीन दिन पहले मृतक द्वारा आरोपी के मामा की साइकिल वापस नहीं करने को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया।
घटना के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर समयबद्ध तरीके से न्यायालय में चालान पेश किया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और पुलिस की विवेचना को आधार मानते हुए न्यायालय ने दोनों आरोपियों को हत्या का दोषी करार दिया। अदालत ने दोनों को आजीवन सश्रम कारावास और 500-500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही विचारण अवधि के 529 दिनों का समायोजन भी नियमानुसार प्रदान किया गया।
