स्टेशन और ट्रेनों में नियम तोड़ने पर अब RPF भी काट सकेगी चालान, रेलवे अधिनियम में संशोधन की तैयारी

Spread the love

नई दिल्ली। रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई अब और तेज तथा प्रभावी होने जा रही है। रेलवे अधिनियम, 1989 में प्रस्तावित संशोधनों के तहत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के अधिकृत अधिकारियों को मौके पर ही जुर्माना (स्पॉट पेनल्टी) लगाने का अधिकार दिया जाएगा। इस बदलाव का उद्देश्य छोटी-छोटी रेलवे संबंधी शिकायतों और नियम उल्लंघनों का त्वरित निपटारा करना है।

प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, RPF के सहायक उप निरीक्षक (ASI) और उससे वरिष्ठ अधिकारी निर्धारित मामलों में मौके पर ही चालान काट सकेंगे। यदि संबंधित व्यक्ति जुर्माना भर देता है तो मामला वहीं समाप्त हो जाएगा, जबकि जुर्माना देने से इनकार करने पर उसे सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।

इन मामलों में लगेगी स्पॉट पेनल्टी

नए प्रावधानों के तहत दूसरे के नाम पर जारी टिकट से यात्रा करना, बिना लाइसेंस रेलवे परिसर में हॉकिंग करना, रेलवे स्टेशन पर भीख मांगना, नशे की हालत में हंगामा या अभद्र व्यवहार करना, महिला आरक्षित कोच में अनधिकृत प्रवेश, रेलवे परिसर में अवैध रूप से प्रवेश, गलत पार्किंग या ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन तथा प्रतिबंधित सामान लेकर आने जैसे मामलों में मौके पर कार्रवाई की जा सकेगी।

कानूनी प्रक्रिया होगी आसान

अभी तक ऐसे मामलों में RPF की भूमिका नियम तोड़ने वालों को पकड़कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कराने तक सीमित रहती थी। प्रस्तावित संशोधन लागू होने के बाद अधिकृत अधिकारी मौके पर ही आर्थिक दंड लगा सकेंगे, जिससे लंबी कानूनी प्रक्रिया की आवश्यकता कम होगी और रेलवे परिसरों में अनुशासन बनाए रखने में मदद मिलेगी।

नई पुलिस शक्तियां नहीं मिलेंगी

हालांकि, इस संशोधन के तहत RPF को नई जांच या गिरफ्तारी संबंधी व्यापक पुलिस शक्तियां नहीं दी जा रही हैं। यह बदलाव केवल स्पॉट पेनल्टी वसूलने और रेलवे अधिनियम के तहत होने वाले कुछ उल्लंघनों पर त्वरित कार्रवाई की प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाने के लिए किया जा रहा है।

रेल मंत्रालय का मानना है कि इस व्यवस्था से रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में अनुशासन बेहतर होगा, नियमों का पालन बढ़ेगा और यात्रियों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित यात्रा का माहौल मिलेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

× How can I help you?