विक्टोरिया (सेशेल्स), 27 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हिंद महासागर में स्थित द्वीपीय राष्ट्र सेशेल्स पहुंचे। राजधानी विक्टोरिया में राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं ने सेशेल्स नेशनल बोटैनिकल गार्डन का दौरा किया, जहां उन्होंने विश्वप्रसिद्ध एल्डाब्रा जाइंट कछुओं को पत्तियां खिलाईं, नारियल पानी पिया और स्मृति स्वरूप एक पौधा भी लगाया।
प्रधानमंत्री मोदी 29 जून को सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस यात्रा को भारत और सेशेल्स के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
256 साल पुराने हैं भारत-सेशेल्स के रिश्ते
भारत और सेशेल्स का संबंध केवल कूटनीतिक नहीं बल्कि ऐतिहासिक भी है। वर्ष 1770 में जब फ्रांस ने सेशेल्स में पहली स्थायी बस्ती बसाई थी, तब वहां पहुंचे 27 लोगों में पांच भारतीय भी शामिल थे। इसके बाद बिहार, तमिलनाडु और गुजरात से बड़ी संख्या में भारतीय यहां आकर बसे। वर्तमान में लगभग 1.20 लाख की आबादी वाले इस देश में हर आठवां नागरिक भारतीय मूल का है।
राष्ट्रपति की जड़ें भी बिहार से
सेशेल्स के पूर्व राष्ट्रपति वेवेल रामकलावन के पूर्वज बिहार के गोपालगंज जिले से थे। उनके परिवार का इतिहास भारत से जुड़ा रहा है, जो दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक माना जाता है।
एल्डाब्रा जाइंट कछुए बने आकर्षण का केंद्र
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति हर्मिनी ने सेशेल्स के प्रसिद्ध एल्डाब्रा जाइंट कछुओं को पत्तियां खिलाईं। यह कछुए अपनी लंबी आयु के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं और औसतन 150 वर्ष तक जीवित रहते हैं। इसी प्रजाति का दुनिया का सबसे उम्रदराज जीवित स्थलीय कछुआ ‘जोनाथन’ करीब 194 वर्ष का माना जाता है।
प्रधानमंत्री ने क्या कहा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सेशेल्स भारत का महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी और ‘विजन महासागर (MAHASAGAR)’ का प्रमुख साझेदार है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। दोनों देशों के संबंध आपसी विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों और लोगों के गहरे जुड़ाव पर आधारित हैं।
उन्होंने कहा कि इस यात्रा के दौरान समुद्री सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, विकास साझेदारी और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति एवं समृद्धि को लेकर व्यापक चर्चा होगी। साथ ही वे सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री भी बनेंगे।
रणनीतिक दृष्टि से अहम दौरा
सेशेल्स हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, तटीय निगरानी, रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर लगातार सहयोग बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक उपस्थिति को और मजबूत करेगी।
प्रमुख बिंदु
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय दौरे पर सेशेल्स पहुंचे।
- राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने विक्टोरिया में किया स्वागत।
- दोनों नेताओं ने एल्डाब्रा जाइंट कछुओं को पत्तियां खिलाईं और पौधारोपण किया।
- 29 जून को सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे प्रधानमंत्री।
- वर्ष 1770 से भारत और सेशेल्स के ऐतिहासिक संबंध कायम हैं।
- वर्तमान में सेशेल्स की आबादी का लगभग 8 प्रतिशत भारतीय मूल का है।
- समुद्री सुरक्षा और हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग यात्रा का प्रमुख एजेंडा है।

