बस्तर में 5 हजार बस्तर फाइटर्स की होगी भर्ती, नक्सल मोर्चे पर स्थानीय युवाओं को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी

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जगदलपुर, 6 जून 2026। नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। माओवाद के खिलाफ चल रहे अभियान को निर्णायक दिशा देने के उद्देश्य से अब स्थानीय युवाओं को सुरक्षा तंत्र में बड़ी भूमिका देने की तैयारी की जा रही है। इसी कड़ी में बस्तर क्षेत्र में करीब 5 हजार बस्तर फाइटर्स की भर्ती किए जाने की योजना पर काम शुरू हो गया है।

तीन चरणों में पूरी होगी भर्ती प्रक्रिया

जानकारी के मुताबिक, बस्तर फाइटर्स बल के विस्तार के तहत भर्ती प्रक्रिया तीन चरणों में आयोजित की जाएगी। पहले चरण में 1,500 पदों पर भर्ती के लिए राज्य शासन से प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। शेष पदों पर आगामी चरणों में नियुक्तियां की जाएंगी। सरकार का लक्ष्य दिसंबर 2026 तक पहले चरण की भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का है।

जिला और संभाग स्तर पर होगी चयन प्रक्रिया

गृह विभाग भर्ती प्रक्रिया को राज्य स्तर के बजाय संभाग और जिला स्तर पर आयोजित करने की तैयारी में है। इसका उद्देश्य बस्तर के स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराना है। अधिकारियों का मानना है कि स्थानीय युवाओं की भागीदारी से सुरक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी।

केंद्रीय बलों की जगह संभालेंगे स्थानीय जवान

सूत्रों के अनुसार, बस्तर क्षेत्र में लंबे समय से तैनात लगभग 40 हजार केंद्रीय सुरक्षा बलों की चरणबद्ध वापसी की रणनीति भी तैयार की जा रही है। भविष्य में उनकी जगह प्रशिक्षित बस्तर फाइटर्स सुरक्षा जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

रोजगार के साथ सुरक्षा में भी बढ़ेगी भागीदारी

विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से बस्तर के हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। साथ ही क्षेत्र की भौगोलिक, सामाजिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों से परिचित स्थानीय युवा सुरक्षा अभियानों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित कर सकेंगे। इससे सुरक्षा बलों और आम नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने की भी उम्मीद है।

गृह मंत्री पहले ही दे चुके हैं संकेत

प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि बस्तर में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों पर निर्भरता धीरे-धीरे कम की जाएगी और स्थानीय स्तर पर तैयार किए गए विशेष सुरक्षा बलों को अधिक जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

सुरक्षा और विकास की दिशा में अहम कदम

सरकार की यह पहल बस्तर में सुरक्षा व्यवस्था को स्थानीय भागीदारी के साथ मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे, वहीं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा अभियानों को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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