
अंबिकापुर 5 जून 2026। सरगुजा जिले के सीतापुर विधानसभा क्षेत्र में विधायक और नायब तहसीलदार के बीच हुए विवाद के बाद आखिरकार प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। राजापुर उप तहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिक को उनके वर्तमान पद से हटाकर कलेक्टर कार्यालय अंबिकापुर में अटैच कर दिया गया है। कलेक्टर द्वारा 3 जून को जारी आदेश अब सार्वजनिक होने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
गौरतलब है कि 27 मई को सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो की बहन द्वारा दुर्व्यवहार का आरोप लगाए जाने के बाद विवाद बढ़ गया था। इसके बाद नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने विधायक और उनके समर्थकों पर मारपीट का आरोप लगाया था। मामला तूल पकड़ने के बाद छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदेशव्यापी हड़ताल भी की थी।
1 से 3 जून तक चली हड़ताल के कारण राजस्व कार्यालयों में आम लोगों के कई जरूरी कार्य प्रभावित हुए थे। बाद में राजस्व मंत्री और विभागीय अधिकारियों के साथ हुई बैठक में आंदोलन समाप्त करने पर सहमति बनी थी। इसी दौरान विधायक समर्थक दो आरोपियों ने भी थाने में सरेंडर किया था।
सूत्रों के अनुसार विधायक रामकुमार टोप्पो ने कलेक्टर से मुलाकात कर नायब तहसीलदार तुषार मानिक और एसडीएम फागेश सिन्हा को सीतापुर क्षेत्र से हटाने की मांग की थी। इसके बाद प्रशासन ने तुषार मानिक को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश जारी कर दिया।
एसडीएम फागेश सिन्हा पर भी निर्णय की अटकलें
नायब तहसीलदार के तबादले के बाद अब एसडीएम फागेश सिन्हा को भी सीतापुर से हटाए जाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि अगले एक-दो दिनों में इस संबंध में भी आदेश जारी हो सकता है।
विवाद के बाद सामान्य हो रहे हालात
प्रशासनिक स्तर पर उठाए गए इस कदम के बाद सीतापुर क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे विवाद के शांत होने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं

