
बालोद, 1 जून 2026। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में सोमवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई, जब सर्व आदिवासी समाज के सैकड़ों लोग अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट घेराव करने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़ दिया और कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
पुलिस से झड़प के बाद बिगड़े हालात
जानकारी के अनुसार, जामड़ी स्थित पाटेश्वर धाम के विरोध में सर्व आदिवासी समाज के लोग बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की थी, लेकिन प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और पुलिस के साथ झड़प के बाद बैरिकेड्स तोड़ते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में घुस गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ प्रदर्शनकारी मुख्य गेट पर डटे रहे, जबकि बड़ी संख्या में लोग परिसर के अंदर पहुंचकर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन करने लगे।
पानी की बौछार से प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पानी के तेज प्रेशर का इस्तेमाल किया। प्रशासन लगातार प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील करता रहा।
क्या हैं आदिवासी समाज की मांगें?
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों का आरोप है कि जामड़ी स्थित पाटेश्वर धाम गांव की जमीन पर निर्मित है। उनका कहना है कि गांव के विकास कार्यों को धाम परिसर में संचालित किया जाता है तथा आदिवासी समाज के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले पाट (पहाड़), जहां उनके देवताओं का निवास माना जाता है, उस क्षेत्र पर भी कब्जा कर लिया गया है।
आदिवासी समाज ने पाटेश्वर धाम और उससे जुड़े बाबा बालक दास के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की बात कही है।
प्रशासन की निगरानी में स्थिति
घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में हालात पर नजर रखी जा रही है। देर शाम तक प्रदर्शन जारी रहने की सूचना है, हालांकि स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
मुख्य बिंदु
- सर्व आदिवासी समाज ने किया कलेक्ट्रेट घेराव।
- पुलिस बैरिकेडिंग तोड़कर परिसर में घुसे प्रदर्शनकारी।
- पाटेश्वर धाम और बाबा बालक दास के खिलाफ कार्रवाई की मांग।
- फायर ब्रिगेड और पुलिस ने पानी की बौछार से भीड़ हटाने का प्रयास किया।
- कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई।

