
धमतरी। जिले के मगरलोड ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले सात गांव इन दिनों मक्खियों के बढ़ते प्रकोप से परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में संचालित एक मुर्गी फार्म की लापरवाही और फैली गंदगी के कारण हालात इतने खराब हो गए हैं कि लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित होने लगा है। समस्या से नाराज ग्रामीणों ने मुर्गी फार्म के सामने धरना प्रदर्शन कर प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
दो सप्ताह से झेल रहे हैं समस्या
जानकारी के अनुसार बिरझुली समेत आसपास के सात गांवों के लोग पिछले करीब दो सप्ताह से मक्खियों की समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मुर्गी फार्म में बड़ी मात्रा में मुर्गियों का मलमूत्र और अन्य अपशिष्ट खुले में पड़ा हुआ है, जिससे मक्खियों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। इसका असर गांवों के घरों, दुकानों और सार्वजनिक स्थानों पर साफ दिखाई दे रहा है।
भोजन और पेयजल तक हुआ प्रभावित
ग्रामीणों के अनुसार मक्खियों के कारण भोजन करना भी मुश्किल हो गया है। घरों की रसोई में रखे खाद्य पदार्थों और पीने के पानी पर लगातार मक्खियां मंडरा रही हैं। वहीं स्कूलों में बच्चों को परोसे जाने वाले मध्यान्ह भोजन पर भी मक्खियां बैठने से संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
मुर्गी फार्म के सामने धरने पर बैठे ग्रामीण
समस्या के समाधान की मांग को लेकर बड़ी संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीण बुधवार को मुर्गी फार्म के सामने एकत्रित हुए और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने फार्म प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की।
प्रशासन ने दिए तीन दिन का अल्टीमेटम
धरना प्रदर्शन की सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा की। अधिकारियों ने मुर्गी फार्म प्रबंधन को तीन दिनों के भीतर परिसर में फैली गंदगी हटाने तथा उचित स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
आदेश का पालन नहीं हुआ तो होगी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्देशों का पालन नहीं करने पर मुर्गी फार्म को सील करने सहित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया।
अब सबकी निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर
ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्धारित समय में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे फिर से आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं अब यह देखना होगा कि प्रशासन की चेतावनी के बाद मुर्गी फार्म प्रबंधन आवश्यक सुधार करता है या फिर उसे कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ता है।
