प्रोफेसर लिनेन्द्र कुमार वर्मा को पीएचडी उपाधिसहकारी शक्कर उद्योग पर शोध को मिली मान्यता, ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर केंद्रित रहा अध्ययन

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दुर्ग। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग द्वारा डॉ. लिनेन्द्र कुमार वर्मा को उनके शोध विषय “सहकारी शक्कर उद्योग का विश्लेषणात्मक अध्ययन (दुर्ग संभाग के विशेष संदर्भ में)” पर डॉक्टरेट (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की गई है। उनके शोध निर्देशक डॉ. हरजिंदर पाल सिंह सलूजा, प्राध्यापक, शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग रहे।

डॉ. वर्मा का शोध सहकारी शक्कर उद्योग की वित्तीय स्थिति का विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है। साथ ही यह शोध ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में सहकारी शक्कर कारखानों की महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित करता है।

डॉ. लिनेन्द्र कुमार वर्मा राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) एवं राज्य पात्रता परीक्षा (SET) उत्तीर्ण कर चुके हैं। उन्हें जूनियर रिसर्च फैलोशिप (JRF) अवार्ड भी प्राप्त हुआ है। शोध के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय माना जाता है तथा उनके कई शोध पत्र राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय जर्नलों में प्रकाशित हो चुके हैं।

वर्तमान में डॉ. लिनेन्द्र कुमार वर्मा शासकीय नवीन महाविद्यालय रिसाली में सहायक प्राध्यापक (वाणिज्य) के पद पर कार्यरत हैं। उनकी इस उपलब्धि पर शिक्षकों, शोधार्थियों एवं शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।

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