
रायपुर। राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें रामकृष्ण अस्पताल परिसर के सीवरेज टैंक (गटर) की सफाई करने उतरे तीन सफाईकर्मियों की दम घुटने से मौत हो गई। हादसा अस्पताल के पीछे बने टैंक में सफाई के दौरान हुआ। मृतकों की पहचान अनमोल मचकन, गोविंद सेंद्रे और प्रशांत कुमार के रूप में हुई है। तीनों कर्मचारी पचपेड़ी नाका स्थित अस्पताल परिसर के गटर की सफाई में लगे थे। घटना के समय रात लगभग 8 बजे टैंक के अंदर मौजूद जहरीली गैस के कारण तीनों बेहोश हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद अस्पताल के गेट पर मृतकों के परिजन और लोगों की पुलिसकर्मियों के साथ झूमाझटकी हुई। मौके पर जमकर हंगामा हुआ और मृतकों के परिजन भीड़ अंदर घुस आई। मृतकों के परिजन बिलखते नजर आए।
जानकारी के मुताबिक, रामकृष्ण हॉस्पिटल के सिवरेज टैंक की सफाई के लिए तीनों मजदूरों को अंदर उतारा गया था। इसी दौरान टैंक में मौजूद जहरीली गैस की वजह से एक-एक कर तीनों की हालत बिगड़ गई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
खर्च बचाने नियमों की अनदेखी का आरोप
घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बिना किसी सुरक्षा उपकरण के मजदूरों को सिवरेज टैंक में उतारा गया। अस्पताल प्रबंधन ने खर्च बचाने के लिए नियमों की अनदेखी की। प्रशिक्षित कर्मचारियों की बजाय सामान्य मजदूरों से सफाई कराई गई। अगर सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे परिजन
दरअसल, सिवरेजटैंक की सफाई बेहद जोखिम भरा काम होता है, जिसे आमतौर पर नगर निगम या प्रशिक्षित टीम द्वारा आधुनिक उपकरणों और सुरक्षा किट के साथ किया जाता है। इसमें गैस डिटेक्टर, ऑक्सीजन मास्क और अन्य सुरक्षा साधनों का उपयोग अनिवार्य होता है। घटना के बाद परिजन दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, पुलिस और प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू किए जाने की बात कही जा रही है। अस्पताल में तनाव का माहौल बना हुआ है। बताया जा रहा है कि मृतकों की पहचान गोविंद सेंद्रे, अनमोल मचकन और प्रशांत कुमार के रूप में हुई है, तीनों सिमरन सिटी निवासी हैं।

