
छत्तीसगढ़ में अफीम की अवैध खेती का मामला अब राजनीतिक विवाद में बदल गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दुर्ग जिले के एक प्रमुख किसान मोर्चा नेता श्री विनायक ताम्रकार को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। यह कार्रवाई अफीम (पोस्त) की खेती से जुड़े आरोपों के चलते की गई है।
भाजपा का आधिकारिक निलंबन आदेश
भाजपा छत्तीसगढ़ प्रदेश कार्यालय द्वारा जारी पत्र (संख्या 2638) में प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के निर्देश पर विनायक ताम्रकार को प्रदेश संयोजक, राइस मिल प्रसंस्करण प्रकोष्ठ, किसान मोर्चा पद से हटाया गया है। पत्र में स्पष्ट लिखा है:

“आपके आचरण एवं कृत्य से भारतीय जनता पार्टी की छवि धूमिल हुई है। आपका यह आचरण अनुशासनहीनता करने की श्रेणी में आता है। अतः… आपको पार्टी से निष्कासित कर दिया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।”
यह आदेश दुर्ग जिले में हाल ही में पकड़ी गई अफीम की अवैध खेती (लगभग 5-6 एकड़ में मक्का के खेतों के बीच छिपाकर लगाई गई) से जुड़ा माना जा रहा है, जहां अनुमानित मूल्य 1 करोड़ रुपये से अधिक का बताया गया था। इस दुर्ग रेंज ने फसल नष्ट करने की कार्यवाही और NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू की है।

भूपेश बघेल का बयान
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने इस घटना पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा:
“भाजपा की डबल इंजन सरकार में एक तरफ नशे के खिलाफ बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, लेकिन उनके ही नेता और कार्यकर्ता अफीम की खेती में लिप्त पाए जा रहे हैं। दुर्ग में जो खेती पकड़ी गई, वह भाजपा के किसान मोर्चा के संयोजक की है। अब पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया, लेकिन सवाल यह है कि इतने दिनों तक पता नहीं चला? क्या यह भाजपा की नाकामी नहीं है? छत्तीसगढ़ में नशा माफिया और अवैध खेती पर हमारी सरकार ने सख्त कार्रवाई की थी, लेकिन अब भाजपा शासन में ऐसे मामले बढ़ रहे हैं। जनता सब देख रही है!”
भूपेश बघेल ने आगे कहा कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं, बल्कि भाजपा की नशा विरोधी छवि पर सवाल उठाता है। उन्होंने मांग की कि पुलिस जांच में भाजपा के अन्य नेताओं की संलिप्तता की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने अडानी के मुंद्रा बन्दरगाह में पकड़े गए नशीले सामाग्री से लेकर पंजाब से आने के बजाय अब सीधे छत्तीसगढ़ में इस अवैध खेती को लेकर विधानसभा में भी मुद्दा रखने स्थगन प्रस्ताव लाने की बात कही है
राजनीतिक प्रतिक्रिया:
भाजपा का पक्ष: पार्टी ने इसे “व्यक्तिगत आचरण” बताते हुए कहा कि अनुशासन के आधार पर त्वरित कार्रवाई की गई है। प्रदेश स्तर पर कोई और टिप्पणी नहीं आई।
कांग्रेस का हमला: यह मुद्दा अब विधानसभा सत्र या सार्वजनिक बहस में उठ सकता है, क्योंकि अफीम की खेती NDPS Act के तहत गंभीर अपराध है (10 साल तक की सजा)।


