सूदखोर वीरेंद्र तोमर के समर्थन में उतरी क्षत्रिय करणी सेना, पूछा, “समीर विश्नोई व रानू साहू का जुलूस क्यों नहीं निकाला, वीरेंद्र तोमर व्यापारी था, अपराधी नहीं”

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रायपुर 13 नवंबर 2025। छत्तीसगढ़ में सूदखोरी के आरोप में गिरफ्तार व्यापारी वीरेंद्र सिंह तोमर के जुलूस निकाले जाने पर क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने तीखा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लाइव आकर पुलिस प्रशासन और सरकार को चेतावनी दी कि समाज अब चुप नहीं बैठेगा।यपुर में विवाद बढ़ा, शेखावत बोले— “तोमर व्यापारी था, अपराधी नहीं”

क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने सोशल मीडिया पर करीब एक घंटे तक लाइव आकर कहा कि सूदखोर बताए जा रहे वीरेंद्र सिंह तोमर एक व्यापारी थे, न कि कोई आतंकवादी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पुलिस अधिकारियों ने नेताओं के दबाव में आकर तोमर के साथ अमानवीय व्यवहार किया।शेखावत ने कहा, “वीरेंद्र तोमर को तपती धूप में नंगे पैर हथकड़ी लगाकर घुमाया गया। उसकी तबीयत बिगड़ी तो पुलिसकर्मी उस पर पैर रखकर खड़ा करने की कोशिश करते रहे। ऐसे पुलिसवालों को शर्म आनी चाहिए, डूब मरो।”

“चाय बेचने वाला प्रधानमंत्री बन सकता है, तो ठेला लगाने वाला व्यापारी क्यों नहीं?”

शेखावत ने कहा कि वीरेंद्र तोमर फाइनेंस के कारोबार में थे और लोगों को उनकी जरूरत के अनुसार पैसा उधार देते थे। “जिस तरह देश में चाय बेचने वाला प्रधानमंत्री बन सकता है, उसी तरह अंडे का ठेला लगाने वाला भी व्यापारी बन सकता है। तोमर ने किसी को जबरदस्ती पैसे नहीं दिए, सब कुछ कागजों पर था,” उन्होंने कहा।

पुलिस और सरकार पर तीखे शब्द, बोले— “हम भी घर में घुसेंगे”

डॉ. शेखावत ने पुलिस कार्रवाई को “अत्याचार” बताते हुए कहा कि जल्द ही लाखों क्षत्रिय रायपुर कूच करेंगे। उन्होंने कहा, “मैं छत्तीसगढ़ आ रहा हूं। जो भी अधिकारी या मंत्री इस साजिश में शामिल है, उसके घर जाकर जवाब दिया जाएगा।”
उन्होंने आगे कहा, “SP साहब, हम आपके ऑफिस नहीं आएंगे, आपके घर आएंगे। जितनी पुलिस फोर्स बुला सकते हो, बुला लो, हमें नहीं रोक पाओगे।”

टीआई पर आरोप, “मां-बहनों को मारा, संविधान का अपमान किया”

शेखावत ने आरोप लगाया कि टीआई योगेश कश्यप ने वीरेंद्र तोमर के परिवार की महिलाओं से मारपीट की। उन्होंने कहा, “संविधान में यह अधिकार नहीं दिया गया कि आरोपी की मां-बहनों को मारा जाए। टीआई को शर्म आनी चाहिए। हम भी उसे महसूस कराएंगे कि घर में घुसकर परिवार को परेशान करने का दर्द क्या होता है।”

“समीर विश्नोई और रानू साहू का जुलूस क्यों नहीं निकाला?”

शेखावत ने सवाल उठाया कि जब बड़े अफसरों और नेताओं पर घोटालों के आरोप लगे, तो उनका जुलूस क्यों नहीं निकाला गया। उन्होंने कहा, “समीर विश्नोई और रानू साहू जैसे अधिकारियों का भी जुलूस निकाला जाना चाहिए था। न्याय सबके लिए बराबर होना चाहिए।”

गृह मंत्री को दी चेतावनी

राज शेखावत ने छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा को भी आड़े हाथों लिया और कहा, “आप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से पूछ लेना कि राज शेखावत कौन है। मैंने आतंकवादियों से लड़ा है, मैं फौजी हूं। अगर सत्ता का दुरुपयोग हुआ, तो करारा जवाब मिलेगा।”शेखावत ने कहा कि वीरेंद्र तोमर के बेटे रोहित तोमर के विवाद को पुलिस ने गलत तरीके से हैंडल किया। “वीरेंद्र ने अपने बेटे को बाप की तरह पाला। अगर बेटे ने गलती की, तो कोर्ट में पेश करो, लेकिन पूरा परिवार झूठे केस में फंसा दिया गया,”

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